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लखनऊ ।। राम मंदिर व बाबरी मस्जिद का मुद्दा गरमाता ही जा रहा है। इसी कड़ी में राम जन्म भूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य राम विलास दास वेदांती ने अयोध्या में राम मंदिर न बनने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है।

जिस पर हिंदू-मुस्लिम धर्मगुरु भड़क उठे हैं। उनका कहना है कि इस तरह की बयानबाजी अदालत की तौहीन है।
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साथ उन्होंने कहा कि अयोध्या मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इस तरह बयानबाजी करना एक तरह से न सिर्फ अदालत की तौहीन है बल्कि हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे के लिए भी खतरा है। इस मामले में धर्मगुरुओं ने एक मत होकर कहा कि सभी पक्षों को न्यायालय पर भरोसा रखना चाहिए।
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इसके साथ ही मुफ्ती अरशद फारुकी ने कहा कि ऐसी बयानबाजी आपसी भाईचारे के लिए खतरा बन सकती है। जब यह मामला अदालत में चल रहा है, तो सभी को फैसले का इंतजार करना चाहिए। अदालत जो भी फैसला सुनाएगी वह न सिर्फ राष्ट्र हित में होगा, बल्कि आपसी सौहार्द को भी बनाने वाला होगा।
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