उत्तर प्रदेश ।। मोदी सरकार एलपीजी गैस सिंलेंडर उपभोक्ताओं को एक जोरदार झटका देने की तैयारी में है। मोदी सरकार 1 दिसम्बर को करीब 1 करोड़ से भी ज्यादा लोगों के गैस कनेक्शन रद्द करने जा रही है।

दरअसल, सरकार ने ऐसे गैस कनेक्शनों को रद्द करने का फैसला किया है, जिनका केवाईसी (नो योर कस्टमर) नहीं हुआ है। मोदी सरकार ने गैस कंपनियों भारत गैस, एचपी गैस और इंडेन गैस से 30 नवंबर तक सभी ग्राहकों के केवाईसी पूरे करने को कहा है।
पढ़िए- 2019 से पहले मोदी सरकार का सबसे बड़ा तोहफा, इस मेगा प्रोजेक्ट के बारे में जानकर खुशी से झूम उठेंगे आप
अभी तक देश में 1 करोड़ से भी ज्यादा लोगों ऐसे है जिन्होंने केवाईसी फार्म पूरा नहीं किया है। सरकार अब ऐसे कनेक्शनों को 1 दिसंबर के बाद बंद करने जा रही है। आपकों बता दें कि केवाईसी यानी नो योर कस्टमर, दो पेज का यह ऐसा फॉर्म है जिसमें डोमेस्टिक एलपीजी कन्जयूमर्स की फोटो सहित सारी डिटेल गैस एजेंसी डिस्ट्रिब्यूटर के पास होगी।
डिस्ट्रिब्यूटर से कन्जयूमर्स की यह डिटेल संबंधित ऑयल कंपनी यानी आईओसी, एचपीसी और बीपीसी आदि के पास चली जाएगी। वहां से तीनों कंपनियों के मुंबई स्थित मास्टर सर्वर में इन डिटेल को फीड कर लिया जाएगा। इस फॉर्म में कंस्यूमर का नाम, डिटेल अड्रेस, माता-पिता का नाम, डेट ऑफ बर्थ, पत्नी या पति का नाम, टेलिफोन और मोबाइल नंबर और अड्रेस प्रूफ के तौर पर अन्य कई आईडी आदि।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सब्सिडी छोड़ने वाले (गिव इट अप) गैस उपभोक्ताओं को भी केवाईसी कंप्लीट करना जरूरी है। ताकि फर्जी ग्राहकों का कनेक्शन बन्द किया जाए और जेनुइन ग्राहकों को गैस सिलेंडर मिलने में आसानी हो। बता दें कि केवाईसी ना करवाने वाले सबसे ज्यादा दिल्ली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के गैस उपभोक्ता हैं।




