लखनऊ ।। यदि आप यह मानते हैं कि समाजवादी पार्टी ने 17 अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति का आरक्षण देने के लिए तैयारी की थी, तो आप गलत हो सकते हैं। क्योंकि सपा ने अपने वर्ष 2012 के घोषणा पत्र में कुछ इस तरह से लिखा था।
उपरोक्त सपा के घोषणा पत्र के मुताबिक, सपा सरकार बनते ही इन 17 जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल किया जाना था। न कि सपा सरकार जाते समय। यानी समाजवादी पार्टी के मुखिया का मकशद साफ था कि वह इन 17 जातियों को वोट बैंक लेने का केवल लॉलीपॉप दे रहे हैं। यदि ऐसा नहीं होता तो इन जातियों को अनुसूचित जाति का आरक्षण दिलाने की कोशिश पांच साल पहले सरकार बनने के दौरान क्यों नहीं की गई। जैसा कि घोषणा पत्र में कहा गया था।

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