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लखनऊ ।। पैसा नहीं है फिर भी आप इलाज करवा सकेंगे। यह व्यवस्था अब लखनऊ में हो गई है। लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में पैसे का अभाव इलाज में बाधा नहीं बनेगा। यहां गरीबों के लिए ‘लोहिया अतिनिर्धन’ योजना शुरू कर दी गई है। इसके तहत धन खत्म होने की स्थिति में मरीज को 25 हजार तक इलाज मुहैया कराया जा रहा है।

दिसंबर अंत में संस्थान प्रशासन ने ‘लोहिया अतिनिर्धन’ योजना शुरू कर दी है। इसके लिए अधिकारियों ने कॉरपस फंड जुटाया है। खाते में करीब चार करोड़ रुपये जमा कर दिए गए हैं। खाते में मौजूद कुल धनराशि का ब्याज भर्ती गरीब मरीजों के पैसा खत्म होने पर मुहैया कराया जाएगा।

निदेशक डॉ. दीपक मालवीय के मुताबिक लोहिया अतिनिर्धन योजना को सोसाइटी एक्ट के तहत पंजीकृत कराया गया है। खाते में पांच करोड़ धनराशि जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। अभी चार करोड़ जमा कर दिए गए हैं। कुल पांच करोड़ जमा धनराशि पर आठ फीसद ब्याज के मुताबिक वर्ष भर में कुल 40 लाख रुपये का बंदोबस्त हो जाएगा। इसके जरिए भर्ती मरीजों की मदद की जाएगी।

25 हजार तक है सीमा

डॉ. दीपक मालवीय के मुताबिक संस्थान में कैंसर, गुर्दा, हार्ट, लिवर, किडनी के गंभीर मरीजों का इलाज होता है। कई बार भर्ती मरीजों का इलाज के दौरान पैसा खत्म हो जाता है। यही नहीं तीमारदार के पास पैसा न होने पर मरीज की मृत्यु उपरांत शव मुहैया कराने को लेकर अक्सर स्टाफ की नोकझोंक होती रहती है। अभी तक संस्थान के पास कोई अतिरिक्त फंड न होने से मरीज की मदद का विकल्प नहीं था। मगर दिसंबर अंत से लोहिया निर्धन योजना के तहत गरीब मरीजों की 25,000 रुपये तक की मदद शुरू कर दी गई है।

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