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यूपी किरण हेल्थ डेस्क, लखनऊ।

अनियमित माहवारी, यौन संबंध के बाद रक्त स्राव, जननांगों से आए दिन तरल पदार्थ का रिसाव जैसे लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। वहीं ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के लिए खुद स्तन परीक्षण करें, स्तन पर लालिमा, आकार बदलना, गांठ महसूस होने पर चिकित्सक को दिखाएं। इन सभी बातों को लेकर डफरिन की कार्यशाला में प्रशिक्षण दिया गया।

अवंतीबाई चिकित्सालय (डफरिन) में सर्विक्स व ब्रेस्ट कैंसर का इलाज होगा। सोमवार को हुई महिला चिकित्सक प्रशिक्षण कार्यशाला में विशेषज्ञों ने कॉलपोस्कोपी जांच व ब्रेस्ट से गांठ निकालने संबंधी विधि बताई गईं। अस्पताल में सुबह 11 बजे ‘प्रिवेंटिव स्क्रीनिंग ऑफ ब्रेस्ट एंड सर्विक्स’ प्रोग्राम हुआ। इसमें ओपीडी में आईं महिला मरीजों को ब्रेस्ट कैंसर (स्तन) का सेल्फ एक्जामिनेशन बताया गया। वहीं सर्विक्स (बच्चे दानी का मुंह) कैंसर के लक्षण बताए गए। प्रमुख अधीक्षिका डॉ. सविता भट्ट ने कहा कि महिलाओं में कैंसर के कुल मामलों में 40 फीसद सर्विक्स व 18 फीसद ब्रेस्ट कैंसर के होते हैं। यदि महिलाएं ब्रेस्ट का समय पर सेल्फ एक्जामिनेशन कर लें तो स्तन कैंसर के 50 फीसद मामलों में शुरुआती दौर में ही काबू पाया जा सकता है।

डफरिन में वर्ष भर से बंद कॉलपोस्कोपी मशीन की मरम्मत करा ली गई है। सोमवार को डॉ.सुधा निगम ने अस्पताल की महिला डॉक्टरों को संपूर्णा क्लीनिक में कॉलपोस्कोपी जांच का प्रशिक्षण दिया। इसमें करीब आधा दर्जन महिलाओं की माइक्रोस्कोप के जरिए सर्विक्स पर एसिटिक एसिड लगाकर कैंसर की जांच की गई। वहीं डॉ.सविता भट्ट ने कहा कि अब ब्रेस्ट के बिनायल नेड्यूल भी अस्पताल में ऑपरेट किए जाएंगे।

डफरिन में शीघ्र ही सर्विक्स कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन लगाई जाएंगी। एनएचएम के तहत अस्पताल को 49 लाख रुपये का बजट मुहैया करा दिया गया है। डॉ. सविता भट्ट ने बताया कि एक हजार वैक्सीन का ऑर्डर भेजा जा चुका है। जो भी सरकारी महिला अस्पताल मांगेंगे उन्हें भी मुहैया कराई जाएंगी।

फोटोः फाइल।

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