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यूपी किरण ब्यूरो

उत्तर प्रदेश।। यूपी के मेरठ में पति के उत्पीड़न से तंग आकर एक दिव्यांग महिला ने अपने पति को तीन बार तलाक बोलकर तलाक दे दिया। महिला का कहना कि महिलाओं को बराबरी का हक मिलना चाहिए।

आदमी औरत को तलाक दे सकता है तो औरत अपने पति को तलाक क्यों नहीं दे सकती। महिला की छोटी बहन को उसके पति ने तलाक दिया हुआ है। दोनों की शादी सगे भाइयों से हुई है।

मेरठ के खरखौदा क्षेत्र के गांव नरहाड़ा की रहने वाली 2 सगी बहनों की शादी लठपुरा गांव के 2 सगे भाईयों शाबिर और शाकिर से मार्च 2012 में हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही उनके पति उन्हें दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। 5 साल में 3 बार सामाजिक समझौते के बाद दोनों बहनों को उनके पति आकर अपने साथ ले गए, लेकिन उनके द्वारा उत्पीड़न किया जाना कम नहीं किया गया।

आरोप है कि करीब 8 महीने पहले छोटी बहन के साथ उसके शौहर ने मारपीट की और उसे तलाक दे दिया। बड़ी बहन ने देवर की इस हरकत का विरोध तो उसके शौहर ने उसके साथ मारपीट की। बात यही खत्म नहीं हुई बड़ी बहन ने आरोप लगाया कि उसकी पति की शह पर उसके देवर ने उसके साथ रेप किया। बड़ी बहन दिव्यांग है।

पीड़िता का कहना है कि ससुराल वालों ने उसके ऊपर मिट्टी का तेल छिड़कर जान से मारने का भी प्रयास किया। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि पुलिस उल्टा उन पर समझौते का दबाव बनाने लगी।

पति को तीन बार बोल दिया तलाक

पीड़िता कहना है कि पति के उत्पीड़न और ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग आकर समाज के सामने तीन दिन पहले उसने अपने पति को तीन बार तलाक-तलाक बोलकर तलाक दे दिया।

उसने कहा कि मुस्लिम समाज में क्या पुरूषों को ही तीन बार तलाक बोलकर औरत को तलाक देने का अधिकार है। महिलाएं क्यों नहीं तीन बार बोलकर तलाक दे सकती। कहा कि, उसे भी अपने पति से रिश्ते खत्म करने का अधिकार है।

बुधवार को पीड़िता दोनों बहनें आईजी अजय आनंद से मिली और अपनी शिकायत उनके सामने रखी। इस मामले में आईजी ने थाना खरखौदा पुलिस से दर्ज कराए गए केस के मामले की जानकारी मांगी है।

फोटोः फाइल

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