योगी सरकार में यादव अफसरों के जेल भेजने का सिलसिला शुरू, मचा हड़कंप

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यूपी किरण ब्यूरो

वाराणसी/उत्तर प्रदेश।। बिहार से आने वाले ओवरलोडेड ट्रकों को अवैध टोकन बेचकर सीमा पार करवाने के खेल में निलंबित चंदौली के एआरटीओ आरएस यादव की गिरफ्तारी के बाद वसूली का कच्चा-चिट्ठा अब सामने आने लगा है।

एआरटीओ के अवैध वसूली के सबसे ज्यादा शिकार होने वाले ट्रक मालिकों के एक संगठन ने उनके अरबों की बेनामी संपत्तियों की सूची पीएम और सीएम को भेजकर इन्हें जब्त करने की मांग उठाई है।

अरबपति एआरटीओ आरएस यादव की कहानी काफी दिलचस्प है। जलनिगम में जूनियर इंजीनियर के पद से प्रतिनियुक्ति पर पांच वर्ष के लिए परिवहन विभाग में आए तो यहीं के होकर रह गए। प्रदेश में सरकार किसी की भी हो, इनकी पैठ इतनी थी कि यह हमेशा ‘सुरक्षित’ रहे।

चंदौली पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि निलंबित एआरटीओ को सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा। बनारस के आरटीओ (प्रवर्तन) राधेश्याम ने कहा कि चंदौली में बनारस के एआरटीओ-3 के साथ जौनपुर व भदोही के दो अन्य अधिकारियों को तैनात कर दिया गया है।

फोटोः फाइल

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