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Up kiran,Digital Desk : ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं? नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं? तो ये खबर आपके लिए है, क्योंकि साइबर चोर अब पहले से कहीं ज़्यादा शातिर और खतरनाक हो गए हैं। वे अब आपकी मेहनत की कमाई लूटने के लिए एक ऐसा तरीका अपना रहे हैं, जिसे पकड़ पाना बहुत मुश्किल है।

राजस्थान पुलिस ने एक बड़ी चेतावनी जारी की है। ठग अब इतने चालाक हो गए हैं कि वे Amazon, Flipkart या आपके बैंक (SBI, HDFC) की वेबसाइट की हूबहू नकल बना लेते हैं। यह नकली वेबसाइट देखने में बिल्कुल असली लगती है, एक अक्षर का भी फर्क नज़र नहीं आता।

कैसे फंसाते हैं ये आपको अपने जाल में?

ये ठग आपको SMS, WhatsApp या ईमेल पर एक आकर्षक ऑफर वाला लिंक भेजते हैं। जैसे ही आप उस लिंक पर क्लिक करते हैं, आप नकली वेबसाइट पर पहुँच जाते हैं। आपको लगता है कि आप असली वेबसाइट पर हैं और आप बिना सोचे-समझे अपनी बैंक डिटेल्स, UPI पिन या डेबिट कार्ड की जानकारी डाल देते हैं। बस, यहीं हो जाता है खेल! आपकी सारी गोपनीय जानकारी चोरों तक पहुँच जाती है और वे पलक झपकते ही आपका खाता खाली कर देते हैं।

कैसे बचें इस 'नकली' जाल से? पुलिस ने बताए 4 आसान तरीके

  1. जासूसों की तरह स्पेलिंग देखें: किसी भी वेबसाइट के लिंक पर क्लिक करने से पहले, उसकी स्पेलिंग को ध्यान से पढ़ें। धोखेबाज़ अक्सर एक-आध अक्षर बदल देते हैं। (जैसे असली amazon की जगह नकली amaz0n लिख देते हैं, 'o' की जगह '0' का इस्तेमाल)। यह छोटी सी पड़ताल आपको लाखों का नुकसान होने से बचा सकती है।
  2. 'ताले' का निशान ज़रूर देखें: कोई भी सुरक्षित वेबसाइट जब खुलती है, तो उसके एड्रेस बार (जहाँ वेबसाइट का नाम लिखा होता है) में एक छोटा सा ताला (Lock) बना होता है और वेबसाइट का नाम HTTPS से शुरू होता है। यह ताला आपकी सुरक्षा की गारंटी है। अगर ये ताला नहीं है, तो उस वेबसाइट पर भूलकर भी अपनी कोई जानकारी न डालें।
  3. गूगल के 'सिक्योरिटी गार्ड' से पूछें: अगर आपको किसी लिंक पर ज़रा सा भी शक हो, तो गूगल के इस टूल (https://transparencyreport.google.com/safe-browsing/search) पर जाकर उसे चेक कर लें। बस लिंक को कॉपी करके यहाँ पेस्ट करें, गूगल आपको बता देगा कि यह लिंक सुरक्षित है या खतरनाक।
  4. OTP तो 'तिजोरी की चाबी' है: अपना OTP, आधार नंबर, पैन नंबर या बैंक की कोई भी जानकारी किसी के साथ शेयर न करें। कोई भी बैंक या कंपनी आपसे फोन पर यह जानकारी कभी नहीं मांगती।

अगर फिर भी हो जाए धोखा, तो तुरंत करें ये काम

  • साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत फोन करें।
  • www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
  • नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर पुलिस स्टेशन को सूचना दें।

आपकी एक छोटी सी सावधानी और जागरूकता, आपकी ज़िंदगी भर की कमाई को बचा सकती है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!