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विश्विसरैयृ्या सभागार में उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने आज बजट 2026–27 के सकारात्मक प्रावधानों पर आयोजित व्यापारी सम्मेलन में शिरकत की। “यह बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि ‘विकसित भारत’ की दिशा में व्यापारियों के परिश्रम को सम्मान देने का एक रोडमैप है। नीतिगत स्थिरता और सरल प्रक्रियाओं के साथ आगे बढ़ते हुए भारत शीघ्र ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा।

उन्होंने कहा कि बजट के प्रमुख सकारात्मक पक्षों को रेखांकित करते हुए बताया कि MSME एवं छोटे व्यापारियों को संबल देने के लिए SME ग्रोथ फंड हेतु ₹10,000 करोड़ का आवंटन तथा ‘आत्मनिर्भर भारत कोष’ में ₹2,000 करोड़ की वृद्धि से उद्योगों की नकदी समस्या में कमी आएगी।

श्री मौर्य ने MAT में राहत का उल्लेख करते हुए कहा कि न्यूनतम वैकल्पिक कर को 15% से घटाकर 14% करना और इसे फाइनल टैक्स मानना मध्यम स्तर के व्यापारियों एवं कंपनियों को बड़ी राहत देगा। 12.2 लाख करोड़ के पूंजीगत व्यय से इंफ्रास्ट्रक्चर में मजबूती आएगी, लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी तथा सूरत–दानकुनी फ्रेट कॉरिडोर और 20 नए जलमार्गों से माल की आवाजाही तेज़ और सस्ती होगी। साथ ही, कुरियर निर्यात की ₹10 लाख सीमा हटाने से ई-कॉमर्स और छोटे निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजार के द्वार खुलेंगे।