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Up kiran,Digital Desk : पूर्णिया के निर्दलीय सांसद और कांग्रेस नेता राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव अपने एक विवादित बयान के कारण चारों तरफ से घिर गए हैं। राजनीति में आने वाली महिलाओं को लेकर उनके 'बेडरूम' वाले बयान पर अब खुद कांग्रेस पार्टी ने भी कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने पप्पू यादव के बयान को 'अस्वीकार्य' बताते हुए उनसे बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है।

क्या है पप्पू यादव का वह 'बेडरूम' बयान?

लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान पप्पू यादव ने एक ऐसा दावा किया जिसने पूरे देश की महिला राजनेताओं को आहत कर दिया। पप्पू यादव ने कहा, "हिंदुस्तान में महिलाओं को देवी कहा जाता है, लेकिन कड़वी सच्चाई यह है कि 90 प्रतिशत महिलाएं किसी प्रभावशाली नेता के बेडरूम में गए बिना राजनीति में सफल नहीं हो सकतीं।" पप्पू यादव यहीं नहीं रुके, उन्होंने इसके बाद मीडिया और हॉस्टल में रहने वाली लड़कियों को लेकर भी आपत्तिजनक बातें कहीं:

मीडिया पर निशाना: उन्होंने दावा किया कि बड़े न्यूज चैनलों में महिला एंकरों का भी शोषण होता है।

हॉस्टल की लड़कियां: उन्होंने आरोप लगाया कि हॉस्टल में रहने वाली लड़कियां नेताओं के आगे 'परोसी' जाती हैं।

नेताओं को बताया 'गिद्ध': उन्होंने राजनेताओं को 'गिद्ध' बताते हुए कहा कि नेताओं के मोबाइल और CCTV फुटेज की जांच होनी चाहिए, जिससे उनकी असलियत सामने आ जाएगी।

कांग्रेस ने झाड़ा पल्ला: अलका लांबा की तीखी प्रतिक्रिया

सांसद के इस बयान पर मचे बवाल के बीच कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह इस तरह की भाषा का समर्थन नहीं करती। अलका लांबा ने एक प्रेस वार्ता में कहा, "पप्पू यादव ने जो कहा है, उसे कोई भी महिला या कांग्रेस पार्टी स्वीकार नहीं कर सकती। उनकी भाषा अत्यंत आपत्तिजनक है। उन्होंने ऐसा क्यों कहा, यह वही बता सकते हैं, लेकिन मेरा निजी और पार्टी का मत है कि उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।"

पप्पू यादव की सफाई: 'मैं तो हकीकत बता रहा हूं'

चौतरफा हमलों और महिला आयोग के नोटिस के बावजूद पप्पू यादव अपने बयान को सही ठहराने में जुटे हैं। वे खुद को "बहन-बेटियों का हिमायती" बताते हुए कह रहे हैं कि उन्होंने केवल समाज और राजनीति की कड़वी सच्चाई को उजागर किया है। उनका कहना है कि महिलाओं का शोषण अब एक 'कल्चर' बन चुका है और वे इस व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।

विरोध की लहर: एनडीए और महिला आयोग सख्त

पप्पू यादव के इस बयान के बाद एनडीए के नेताओं, विभिन्न महिला संगठनों और राष्ट्रीय महिला आयोग ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। आयोग ने उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान से पप्पू यादव ने न केवल विपक्षी दलों को मुद्दा दे दिया है, बल्कि अपनी ही पार्टी कांग्रेस के लिए भी असहज स्थिति पैदा कर दी है।