Up Kiran,Digital Desk: बांग्लादेश में जनवरी 2026 में मानवाधिकार उल्लंघनों का एक खतरनाक पैटर्न सामने आया है, जिसमें भीड़ हिंसा और जेल हिरासत में मौतें प्रमुख चिंता का विषय बनकर उभरी हैं। मानवाधिकार संगठन "मानबाधिकार शोंग्स्कृति फाउंडेशन (MSF)" ने अपनी मासिक रिपोर्ट में बताया है कि इस महीने में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या की घटनाओं में नाटकीय रूप से वृद्धि हुई है। जनवरी में 21 लोगों की जान गई, जो कि दिसंबर 2025 की तुलना में दोगुनी से अधिक है। यह स्थिति बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाती है, जहां न्याय व्यवस्था पर आम जनता का विश्वास कमजोर हो रहा है। MSF का मानना है कि भीड़ हिंसा पर कड़े कदम न उठाने से इस कृत्य में दंडहीनता का वातावरण पनप रहा है।
अज्ञात शवों की बढ़ती संख्या और जेल में मौतों की चिंताएं
जनवरी में अज्ञात शवों के मामले भी बढ़े हैं, जिनकी संख्या 57 रही, जबकि दिसंबर में ये 48 थे। रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना बांग्लादेश में पुलिस और न्याय व्यवस्था के भ्रष्टाचार और खामियों का संकेत देती है। इसके अलावा, जेलों में मौतों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। जनवरी में 15 कैदी जेल की स्थिति में मारे गए, जबकि दिसंबर में यह आंकड़ा 9 था। MSF ने इन मौतों के पीछे चिकित्सीय लापरवाही और अत्यधिक अमानवीय परिस्थितियों को जिम्मेदार ठहराया है।
राजनीतिक हिंसा और समाज में असुरक्षा की बढ़ती भावना
बांग्लादेश में आगामी राष्ट्रीय चुनाव के लिए राजनीतिक वातावरण गरमाने के साथ, जनवरी में चुनावी हिंसा के मामले भी बढ़े हैं। इस महीने चुनावी संघर्षों में चार लोगों की मौत और 509 लोग घायल हुए हैं। यह स्थिति न केवल राजनीतिक तनाव को बढ़ा रही है, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
इसके साथ ही, रिपोर्ट में यह भी दिखाया गया है कि राजनीतिक मामलों में अज्ञात व्यक्तियों को आरोपी बनाए जाने का सिलसिला भी तेज हुआ है। जनवरी में 320 अज्ञात आरोपी दर्ज किए गए, जो कि दिसंबर में 110 थे। यह प्रवृत्ति समाज में भय और असुरक्षा का माहौल उत्पन्न कर रही है।
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