Up Kiran,Digital Desk: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने रविवार को एक नई चेतावनी दी, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया तो इससे मध्य पूर्व में एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का जन्म हो सकता है। उनका यह बयान उस समय आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सैन्य हमले की धमकी दी थी। खामेनेई का यह बयान उनकी अब तक की सबसे स्पष्ट और गंभीर चेतावनी मानी जा रही है।
नुकसान से बचने की अपील: खामेनेई ने कहा, "हम नहीं चाहते युद्ध"
ईरानी नेता ने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि ईरान किसी से लड़ाई नहीं चाहता और न ही वह किसी दूसरे देश पर हमला करने का इच्छुक है। उनका कहना था कि ईरान का इरादा सिर्फ अपने नागरिकों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना है। खामेनेई ने अमेरिकी अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर उन्होंने युद्ध शुरू किया, तो यह एक क्षेत्रीय संघर्ष बन जाएगा, जो पूरे मध्य पूर्व में फैल सकता है और इसके गंभीर परिणाम होंगे।
विरोध प्रदर्शनों और अंदरूनी संकट की पृष्ठभूमि
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब ईरान में सरकार के खिलाफ बड़े विरोध प्रदर्शनों का सामना किया जा रहा है। इन प्रदर्शनों के दौरान कई लोग गिरफ्तार हुए हैं और उन्हें दमनात्मक कार्रवाई का शिकार होना पड़ा है। खामेनेई ने इन प्रदर्शनों की तुलना 'तख्तापलट' से करते हुए कहा कि ये ईरान के धार्मिक शासन को कमजोर करने की कोशिश हैं। वर्तमान में, ईरान में राजद्रोह के आरोपों में सख्त सजा, जैसे मौत की सजा, का प्रावधान है। इसके चलते गिरफ्तार लोगों को सामूहिक रूप से फांसी की सजा दिए जाने की आशंका है।
अमेरिकी सैन्य ताकत और उसकी प्रतिक्रिया
इस बीच, अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन और अन्य युद्धपोतों को अरब सागर में तैनात किया गया है। यह कदम राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसक कार्रवाई के जवाब में उठाया था। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि क्या ट्रंप सैन्य बल का इस्तेमाल करेंगे या नहीं। उन्होंने बार-बार कहा है कि ईरान बातचीत करना चाहता है और वह तेहरान के परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर भी चर्चा करना चाहते हैं।
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