Up Kiran,Digital Desk: हल्द्वानी के ट्रंचिंग ग्राउंड में लगातार कूड़े का ढेर बढ़ता जा रहा है, और इसके निस्तारण के लिए नगर निगम को भारी वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। हल्द्वानी के अलावा, नैनीताल, भवाली, भीमताल और लालकुआं जैसे नगर निकायों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों का कूड़ा भी इस ग्राउंड में डंप किया जाता है, लेकिन समय पर भुगतान न होने से नगर निगम को कूड़ा निस्तारण में मुश्किलें आ रही हैं। इस कारण ट्रंचिंग ग्राउंड में हर रोज़ करीब 230 मीट्रिक टन कूड़ा इकट्ठा हो रहा है, जिसमें से लगभग 152 मीट्रिक टन कूड़ा केवल हल्द्वानी शहर से ही जमा होता है।
बकाया राशि का संकट
नगर निगम हल्द्वानी पर ट्रंचिंग ग्राउंड में जमा कूड़े के निस्तारण के लिए एक बड़ी वित्तीय चुनौती खड़ी हो गई है। निगम को विभिन्न निकायों और समितियों से कूड़ा निस्तारण के लिए तय की गई राशि का भुगतान नहीं मिल रहा है। इनमें नैनीताल नगर पालिका पर 1 करोड़ रुपये, मंडी परिषद पर 57 लाख रुपये, और अन्य नगर निकायों और समितियों पर लाखों रुपये का बकाया है। इसके साथ ही हल्द्वानी के ग्रामीण क्षेत्रों में बनी कॉलोनियों से कूड़ा इकट्ठा कर ट्रंचिंग ग्राउंड में भेजने वाली समितियों के पास भी बकाया धनराशि है, जिससे नगर निगम के लिए कूड़ा निस्तारण करना और भी कठिन हो गया है।
निगम की जवाबदेही और समाधान की दिशा
नगर निगम ने अब इस समस्या के समाधान के लिए बकाए की राशि वसूलने के लिए पत्र भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नगर निगम के आयुक्त, परितोष वर्मा का कहना है कि यह कदम कूड़ा निस्तारण संकट को हल करने की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकता है। निगम को 9.55 करोड़ रुपये की राशि खर्च करनी है, जिसमें से लगभग 7 करोड़ रुपये लीकेज प्लांट के संचालन पर खर्च हो चुके हैं। अब बाकी राशि के बिना ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़े के निस्तारण का काम और अधिक जटिल हो सकता है।
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