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Up Kiran,Digital Desk: रविवार को राजस्थान के लोगों ने कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत महसूस की, क्योंकि राज्य के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। इससे पहले तापमान के स्तर में लगातार गिरावट से लोग परेशान थे, लेकिन अब मौसम में हल्का सुधार आया है।

हालांकि, इस राहत के बावजूद मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के कुछ हिस्सों में फिर से बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में और गिरावट हो सकती है। इससे एक बार फिर ठंड का अहसास हो सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जो पहले से ही ठंड से जूझ रहे थे।

मौसम का मिजाज: अलवर, पाली और श्रीगंगानगर में तापमान में राहत

राज्य के विभिन्न हिस्सों में तापमान में बदलाव देखा गया। अलवर में 7.2 डिग्री, लूणकरनसर में 7.7 डिग्री, पाली में 8.3 डिग्री, और श्रीगंगानगर में 9.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। यह तापमान में थोड़ी राहत का संकेत था, लेकिन मौसम विभाग के मुताबिक, यह स्थायी नहीं हो सकता।

पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव: बारिश और ओलावृष्टि की संभावना

मौसम विभाग के मुताबिक, अजमेर में पिछले 24 घंटों में 1.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, और अगले 24 घंटों में बारिश और बादल छाने की संभावना बनी रहेगी। एक पश्चिमी विक्षोभ राज्य के ऊपर बना हुआ है, जिसके कारण आने वाले दिनों में मौसम और भी अधिक बदल सकता है।

1 फरवरी को जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर जैसे जिलों में हल्की बारिश और बिजली चमकने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही, कुछ इलाकों में ओलावृष्टि का खतरा भी है। इसके बाद, 2 फरवरी को एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

क्या प्रभाव पड़ेगा: जनजीवन पर असर

इस मौसम बदलाव का सीधा असर जनजीवन पर पड़ सकता है। ठंड और बारिश के कारण सड़क दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ सकती है। स्कूल, दफ्तर और अन्य सार्वजनिक स्थल भी मौसम की मार से प्रभावित हो सकते हैं। किसान समुदाय के लिए यह मौसम बदलाव फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां पहले ही ठंड के कारण फसलें प्रभावित हो रही थीं।