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Up kiran,Digital Desk : दिल्ली सचिवालय में मंगलवार को उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने की। बैठक में पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, परिवहन मंत्री पंकज सिंह और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

बैठक में मौजूदा PUC बूथ मॉडल की कमियों की समीक्षा की गई और सेंसर और रोबोटिक्स आधारित PUC 2.0 मॉडल पर चर्चा हुई।

सरकार का लक्ष्य है कि नए सेंट्रलाइज्ड PUC केंद्रों में एंट्री-एग्जिट व्यवस्था, उच्च गुणवत्ता वाले सेंसर, और मानवीय हस्तक्षेप न्यूनतम हो। इस बदलाव से फर्जीवाड़े की गुंजाइश कम होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।

CAG रिपोर्ट के आधार पर सुधार:

अप्रैल 2025 में जारी CAG ऑडिट में 22.1 लाख डीजल वाहनों की जांच में खामियां पाई गईं।

24% वाहन उत्सर्जन रिकॉर्ड नहीं हुए; 4,000 वाहन नियम से ज्यादा प्रदूषण करने के बावजूद पास कर दिए गए।

कई मामलों में एक ही मिनट में PUC सर्टिफिकेट जारी करना दिखा, जो व्यावहारिक रूप से असंभव था।

आगे की योजना:

ऑटोमेटेड और सेंसर-आधारित तकनीक का विस्तार निजी वाहनों तक।

खराब उपकरण वाले केंद्रों पर कार्रवाई और नियमित निगरानी।

प्रदूषण नियंत्रण और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए PUC 2.0 सिस्टम।

अगर यह मॉडल लागू होता है, तो दिल्ली में वाहन प्रदूषण की सटीक निगरानी और फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी।