Up kiran,Digital Desk : क्या चुनाव के शोर के बीच आईपीएल (IPL 2026) के चौकों-छक्कों पर ब्रेक लग जाएगा? मद्रास हाई कोर्ट में सोमवार को कुछ ऐसी ही मांग वाली एक अर्जी पहुंची थी, जिस पर माननीय जजों की टिप्पणी ने क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया। कोर्ट ने न केवल आईपीएल मैचों पर प्रतिबंध लगाने या उन्हें चुनाव के बाद कराने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया, बल्कि याचिकाकर्ता को मजेदार अंदाज में नसीहत भी दे डाली।
'सिर्फ आशंका के आधार पर पाबंदी क्यों?'
मद्रास हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एस. ए. धर्माधिकारी और जस्टिस अरुल मुरुगन की पीठ के सामने एक जनहित याचिका दायर की गई थी। इसमें मांग की गई थी कि तमिलनाडु में आगामी 23 अप्रैल को होने वाले चुनावों के मद्देनजर आईपीएल मैचों को रेगुलेट किया जाए। याचिकाकर्ता का तर्क था कि स्टेडियम में राजनीतिक प्रतीकों और प्रचार सामग्री का इस्तेमाल हो सकता है, जिससे आदर्श आचार संहिता (MCC) का उल्लंघन होगा। इस पर कोर्ट ने दो टूक कहा कि यह याचिका केवल 'आशंका' पर आधारित है और इसमें कोई ठोस तथ्य नहीं है।
जज साहब की मजेदार टिप्पणी: 'मैच देखिए और आनंद उठाइए'
सुनवाई के दौरान कोर्ट का माहौल काफी दिलचस्प हो गया। पीठ ने नोट किया कि राज्य में पहले ही एक आईपीएल मैच शांतिपूर्वक संपन्न हो चुका है। जजों ने मुस्कुराते हुए याचिकाकर्ता से पूछा, "क्या आपने पिछला मैच देखा? क्या कुछ गलत हुआ? जब कुछ हुआ ही नहीं, तो फिर डर किस बात का?" कोर्ट ने आगे हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, "आपने पिछले मैच का मजा लिया, अब अगले मैच का भी मजा लीजिए भई।"
चुनाव आयोग है सक्षम, कोर्ट का हस्तक्षेप जरूरी नहीं
हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि चुनावों के दौरान किसी भी तरह की आचार संहिता का उल्लंघन होता है, तो उससे निपटने के लिए चुनाव आयोग पूरी तरह सक्षम है। अदालत ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं के पास अपनी शक्तियां हैं और कोर्ट हर बात में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अगर किसी नागरिक को कोई शिकायत है, तो वह सीधे चुनाव आयोग से संपर्क करने के लिए स्वतंत्र है। जजों की इस सख्त और रोचक टिप्पणी के बाद याचिकाकर्ता ने अपनी अर्जी वापस ले ली।
तमिलनाडु में क्रिकेट का फीवर बरकरार
तमिलनाडु में क्रिकेट की दीवानगी जगजाहिर है। चेपॉक स्टेडियम में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के मैचों के दौरान भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में कोर्ट के इस फैसले से लाखों प्रशंसकों ने राहत की सांस ली है। अब तय है कि राज्य में चुनाव और क्रिकेट का रोमांच एक साथ चलेगा और मैदान पर पीली जर्सी का शोर पहले की तरह ही सुनाई देगा।




