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UP Kiran,Digital Desk: राजस्थान की डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री, दीया कुमारी ने बुधवार को विधानसभा में राज्य का तीसरा बजट प्रस्तुत किया। इस बजट का मुख्य उद्देश्य राज्य के विकास को गति देना और 2047 तक इसे एक समृद्ध और आत्मनिर्भर प्रदेश बनाना है। इस बार बजट का फोकस युवाओं, स्वास्थ्य, और बुनियादी ढांचे पर था, जिससे आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है।

आर्थिक मजबूती की ओर बढ़ते कदम

वित्त मंत्री ने विधानसभा में यह जानकारी दी कि राज्य की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। प्रदेश की जीएसडीपी (GSDP) को 2026-27 तक 21 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद जताई गई है। सबसे खुशी की बात यह है कि राज्यवासियों की औसत सालाना आय, जो पहले 1.68 लाख रुपये थी, अब बढ़कर 2 लाख 2 हजार रुपये होने का अनुमान है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि राजस्थान की अर्थव्यवस्था तेजी से प्रगति कर रही है, जिससे आम जनता को बेहतर जीवन स्तर की उम्मीदें हैं।

राज्यभर में सड़कों का नेटवर्क और सुरक्षा में सुधार

राज्य में यातायात की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने 42 हजार किलोमीटर लंबी सड़क नेटवर्क का विकास करने का लक्ष्य तय किया है। इसमें 3427 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च किया जाएगा। सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने 2000 हाई-टेक कैमरे लगाने और 250 आधुनिक एम्बुलेंस की व्यवस्था करने की घोषणा की है। इसके साथ ही, राज्य में 'मिसिंग लिंक' सड़कों के निर्माण और मरम्मत के लिए 600 करोड़ रुपये और 'अटल प्रगति पथ' के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

युवाओं के लिए नई शिक्षा और रोजगार के अवसर

राजस्थान सरकार ने शिक्षा और युवाओं के लिए एक डिजिटल क्रांति का आह्वान किया है। राज्य के 1000 स्कूलों में एआई आधारित लैब्स स्थापित की जाएंगी ताकि छात्रों को स्मार्ट लर्निंग का अवसर मिल सके। रोजगार सृजन के लिए, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा। इसके अलावा, पारदर्शी तरीके से भर्ती परीक्षाएं आयोजित करने के लिए 'राजस्थान टेस्टिंग एजेंसी' का गठन किया जाएगा। छात्रों को लैपटॉप वाउचर देने के लिए 20 हजार रुपये की योजना भी प्रस्तावित की गई है।

जल सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम

पानी की बढ़ती समस्या को हल करने के लिए सरकार ने एक नई जल नीति को लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत 83 शहरों में पेयजल योजनाओं के लिए फंड आवंटित किए गए हैं। 'जल जीवन मिशन' के तहत 6500 गांवों में जल आपूर्ति की योजना पर 4500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अतिरिक्त, बीसलपुर योजना के विस्तार के लिए 750 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई पहल

स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार ने मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी है। 'राज ममता प्रोग्राम' के तहत अवसाद और आत्महत्या की रोकथाम के लिए एक नई शुरुआत की गई है। जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में एक अत्याधुनिक मानसिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की जाएगी। साथ ही, 500 बेड वाले नए वार्ड और पेडियाट्रिक न्यूरोलॉजी विभाग की स्थापना भी की जाएगी।

महिलाओं के लिए सशक्तिकरण की नई दिशा

महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार ने 'लखपति दीदी' योजना को आगे बढ़ाया है। इस योजना के तहत 16 लाख महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। महिलाओं के रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए, राज्य में 'वूमेन बीपीओ' की स्थापना की जाएगी और 1000 महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ा जाएगा।