Up Kiran, Digital Desk: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने 2025 के विधानसभा चुनावों से पहले एक 'नए बिहार' के लिए अपना विस्तृत विजन प्रस्तुत किया है। उन्होंने जातिगत जनगणना और सामाजिक न्याय पर आधारित एक समावेशी विकास मॉडल का वादा किया है, जिसे वह 'बिहार मॉडल' का नाम दे रहे हैं।
उनके विजन का मुख्य केंद्रबिंदु युवाओं के लिए 10 लाख सरकारी नौकरियां सृजित करना है। यादव ने जोर देकर कहा कि रोजगार सृजन उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी, ताकि बिहार के युवाओं को बेहतर भविष्य के लिए पलायन न करना पड़े और उन्हें राज्य में ही सम्मानजनक अवसर मिल सकें।
'नए बिहार' मॉडल का एक महत्वपूर्ण घटक सामाजिक न्याय है। तेजस्वी ने कमजोर वर्गों, दलितों, पिछड़ों और महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान देने का वादा किया। उनका कहना है कि सबका साथ और सबका विकास ही असली बिहार मॉडल होगा, जिसमें हर वर्ग को बराबरी का हक और अवसर मिलेगा।
अन्य प्रमुख क्षेत्रों में उनके वादे शामिल हैं:
शिक्षा: शिक्षा के क्षेत्र में, उन्होंने आधुनिक शिक्षण विधियों और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की बात कही, ताकि बिहार के बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें।
स्वास्थ्य: स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर बड़े अस्पतालों तक के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का संकल्प लिया।
कृषि: किसानों के लिए बेहतर समर्थन मूल्य और सिंचाई सुविधाओं का वादा किया, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके।
उद्योग: राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने पर भी जोर दिया, ताकि रोजगार के नए अवसर पैदा हों और राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हो।
डिजिटल कनेक्टिविटी: पूरे राज्य में डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने का भी वादा किया गया है, जिससे सरकारी सेवाएं आम लोगों तक आसानी से पहुंच सकें।
यह विस्तृत खाका तेजस्वी यादव के एक दूरदर्शी नेता के रूप में खुद को स्थापित करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जो केवल सत्ता पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय बिहार के भविष्य के लिए एक स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत कर रहे हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले यह विजन उनकी पार्टी के लिए एक मजबूत चुनावी एजेंडा तैयार कर सकता है।
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