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Up Kiran, Digital Desk: बिहार की राजनीति में गर्मी हमेशा अपने चरम पर रहती है, खासकर जब मामला चुनावी नतीजों का हो। इसी सियासी गर्मी को और बढ़ाते हुए, आरजेडी (RJD) नेता और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे, तेज प्रताप यादव ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने सबकी धड़कनें तेज कर दी हैं। उन्होंने नतीजों के आने से पहले ही भविष्यवाणी कर दी है कि 14 नवंबर को बिहार में "संपूर्ण बदलाव" होने जा रहा है!

तो आखिर तेज प्रताप यादव के इस दावे का क्या मतलब है और क्यों उन्होंने 14 नवंबर की तारीख को इतना अहम बताया है?

क्यों खास है 14 नवंबर की तारीख?

दरअसल, 14 नवंबर को बिहार में हुए लोकसभा उपचुनावों के चौथे और आखिरी चरण की मतगणना (वोटों की गिनती) होनी है। इन्हीं नतीजों पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं, और इन्हीं नतीजों को लेकर तेज प्रताप यादव इतने आत्मविश्वास से भरे हुए हैं।

क्या है 'संपूर्ण बदलाव' का मतलब?

जब तेज प्रताप 'संपूर्ण बदलाव' की बात करते हैं, तो उनका इशारा साफ तौर पर सत्ता परिवर्तन की ओर है। उनका दावा है कि इन चुनावों में जनता ने उनके 'महागठबंधन' (जिसमें आरजेडी, कांग्रेस और अन्य दल शामिल हैं) पर भरोसा जताया है और मौजूदा एनडीए (NDA) सरकार के खिलाफ वोट दिया है।

पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने पूरे जोश के साथ कहा, "14 तारीख को इंतजार कीजिए, आपको बिहार में संपूर्ण बदलाव देखने को मिलेगा।"

यह बयान सिर्फ एक चुनावी दावा नहीं है, बल्कि यह अपने पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने और विरोधियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की एक सोची-समझी रणनीति भी है। तेज प्रताप अपने बयानों के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार उनका आत्मविश्वास देखने लायक है। वह यह जताने की कोशिश कर रहे हैं कि उनकी पार्टी की जीत को लेकर उनके मन में कोई शक नहीं है।

अब यह तो 14 नवंबर को ही पता चलेगा कि तेज प्रताप यादव की यह भविष्यवाणी सच होती है या नहीं, लेकिन उनके इस एक बयान ने बिहार की राजनीति में नतीजों से पहले ही एक नई बहस और उत्सुकता को जन्म दे दिया है। सबकी नजरें अब 14 नवंबर पर हैं, यह देखने के लिए कि क्या वाकई बिहार में कोई "संपूर्ण बदलाव" होता है, या यह सिर्फ एक राजनीतिक बयानबाजी बनकर रह जाता है।