Up kiran,Digital Desk : आगामी महाकुंभ के आयोजन को दिव्य और भव्य बनाने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर (Haridwar Ganga Corridor) परियोजना के लिए 50.23 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। इस धनराशि से हरिद्वार के प्रमुख घाटों और पुलों का कायाकल्प किया जाएगा, जिससे यहां आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकेंगी।
इन प्रमुख घाटों की बदलेगी सूरत
सरकार की इस योजना के तहत हरिद्वार के उन चुनिंदा स्थलों को प्राथमिकता दी गई है जहां श्रद्धालुओं का सबसे अधिक जमावड़ा होता है:
हरकी पैड़ी और मालवीय द्वीप: यहां के सौंदर्यकरण और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जाएगा।
प्रमुख घाट: सुभाष घाट, कांगड़ा घाट और रोड़ी बेलवाला घाट का पुनरुद्धार होगा।
पुल और कनेक्टिविटी: घाटों को जोड़ने वाले पुलों की मरम्मत और उन्हें आधुनिक रूप देने के लिए बजट स्वीकृत किया गया है।
6 महीने में दिखेगी जमीनी प्रगति
मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को दो-टूक निर्देश दिए हैं कि कॉरिडोर के कार्यों में अगले छह महीनों के भीतर ठोस प्रगति दिखनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरिद्वार गंगा कॉरिडोर, शारदा रिवरफ्रंट और ऋषिकेश कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में हैं। इन कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा हो सके।
कुंभ के लिए ₹500 करोड़ का केंद्र से सहयोग
शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने हरिद्वार प्रवास के दौरान बताया कि कुंभ मेले की भव्यता के लिए केंद्र सरकार ने 500 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर गंगा घाट, पार्किंग और पुलों के निर्माण की समीक्षा की। मंत्री ने कहा कि हरिद्वार देश की आध्यात्मिक राजधानी है, इसलिए यहां साधु-संतों और पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
विकास की अन्य योजनाएं भी शामिल
हरिद्वार कॉरिडोर के अलावा, मुख्यमंत्री ने राज्य की अन्य विकास योजनाओं के लिए कुल 124 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई है। इसमें आपदा प्रबंधन को मजबूत करना, पेयजल व्यवस्था और बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्य शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य काशी-विश्वनाथ और अयोध्या की तर्ज पर हरिद्वार-ऋषिकेश क्षेत्र को एक प्रमुख धार्मिक हब के रूप में विकसित करना है।




