Up kiran,Digital Desk : मुजफ्फरपुर के कांटी थाना इलाके में सोमवार की शाम उस वक्त मातम पसर गया, जब एक घर का इकलौता चिराग हमेशा के लिए बुझ गया. कोचिंग से पढ़कर अपने घर लौट रहे 12 साल के मासूम आयुष कुमार को एक तेज रफ्तार डंपर ने इस कदर रौंदा कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया.
किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह सफर आखिरी होगा
आयुष, जो तिवारी टोला के रहने वाले उपेंद्र ठाकुर का बेटा था, रोज की तरह अपनी साइकिल से कोचिंग गया था. उसे क्या पता था कि जिस रास्ते पर वह रोज अपने भविष्य के सपने बुनता हुआ जाता है, वही रास्ता उसकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा. चश्मदीदों ने बताया कि आयुष सड़क किनारे अपनी साइकिल से जा रहा था, तभी पीछे से आए एक बेकाबू डंपर ने उसे जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भयानक थी कि बच्चे को संभलने का मौका तक नहीं मिला.
जब भड़क उठा लोगों का गुस्सा
जैसे ही यह दर्दनाक हादसा हुआ, आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे. अपने गांव के बच्चे की खून से लथपथ लाश देखकर लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. उन्होंने फौरन डंपर को घेर लिया और ड्राइवर को पकड़कर बंधक बना लिया. इलाके में चीख-पुकार और गुस्से का ऐसा माहौल बन गया कि हर कोई बस इंसाफ की मांग कर रहा था.
पुलिस ने संभाला मोर्चा, परिवार में कोहराम
हंगामे की सूचना मिलते ही कांटी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची. उन्होंने किसी तरह गुस्साए लोगों को शांत कराया, ड्राइवर को अपनी हिरासत में लिया और बच्चे के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा.
उधर, जैसे ही आयुष की मौत की खबर उसके घर पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया. मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है. पूरा गांव इस घटना से स्तब्ध और आक्रोशित है. लोगों की बस एक ही मांग है कि इन सड़कों पर मौत बनकर दौड़ने वाले इन तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाई जाए और इस मासूम के कातिल ड्राइवर को कड़ी से कड़ी सजा मिले.




