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Up Kiran, Digital Desk: टॉस हारने के बाद झारखंड को पहले बल्लेबाजी करने का मौका मिला। शुरुआत हालांकि अच्छी नहीं रही और विराट सिंह सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद कप्तान ईशान किशन और कुमार कुशाग्र ने पारी को संभालते हुए मैच का रुख ही बदल दिया।

ईशान किशन ने फाइनल मुकाबले में कप्तानी पारी खेलते हुए 49 गेंदों पर 101 रन बनाए। उनकी इस पारी में 10 छक्के और 6 चौके शामिल रहे। इसके साथ ही वह सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के फाइनल में शतक लगाने वाले पहले कप्तान बन गए।

दूसरे छोर पर कुमार कुशाग्र ने भी आक्रामक बल्लेबाजी की। उन्होंने 38 गेंदों पर 81 रन बनाए, जिसमें 5 छक्के और 8 चौके शामिल थे। अंत में अनुकूल रॉय ने नाबाद 40 और रॉबिन मिंज ने नाबाद 31 रन जोड़कर स्कोर को और मजबूत किया। झारखंड ने 20 ओवर में 3 विकेट पर 262 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी हरियाणा की टीम शुरू से ही दबाव में नजर आई। कप्तान अंकित कुमार बिना खाता खोले आउट हो गए, जबकि आशीष सिवाच भी खाता नहीं खोल सके। शुरुआती झटकों के बाद अर्श रंगा और यशवर्धन दलाल ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन रंगा 17 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।

इसके बाद यशवर्धन दलाल और निशांत सिंधु के बीच 67 रन की साझेदारी हुई, जिससे हरियाणा का स्कोर 100 के पार पहुंचा। दलाल ने 58 और सिंधु ने 31 रन बनाए, लेकिन उनके आउट होते ही पूरी टीम बिखर गई। हरियाणा की पारी 18.3 ओवर में 193 रन पर सिमट गई।

झारखंड की ओर से गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। सुशांत मिश्रा और बाल कृष्णा ने 3-3 विकेट लिए, जबकि विकाश सिंह और अनुकूल रॉय को 2-2 सफलता मिली। इस तरह झारखंड ने फाइनल मुकाबला 69 रन से जीतकर पहली बार सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी अपने नाम कर ली।