Up Kiran, Digital Desk: अक्सर होता है कि हम आईने में खुद को देखते हैं और सोचने लगते हैं – "मैं तो ज्यादा खाता भी नहीं, फिर वजन क्यों घट नहीं रहा?" यह सवाल कई लोगों के मन में बार-बार उठता है और नतीजा होता है बेचैनी, तनाव और आत्मग्लानि। लेकिन असली वजह हमेशा थाली में खाए गए खाने से जुड़ी हो, ऐसा जरूरी नहीं है। डॉक्टरों का कहना है कि वजन बढ़ने या घटने का सीधा रिश्ता हमारे मेटाबॉलिज्म और शरीर के विटामिन लेवल से भी होता है। खासकर जब शरीर में कुछ जरूरी विटामिन्स की कमी हो जाती है, तो मोटापा चुपके-चुपके अपनी जड़ें जमाने लगता है।
विटामिन डी: धूप से दूरी बनाना पड़ सकता है भारी
विटामिन डी को आप शरीर का ‘सनशाइन न्यूट्रिएंट’ कह सकते हैं। यह केवल हड्डियों के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि फैट मेटाबॉलिज्म और हार्मोनल बैलेंस को भी कंट्रोल करता है।
कई बार मोटापे से जूझ रहे लोग धूप से दूरी बना लेते हैं या फिर लाइफस्टाइल इतना इंडोर हो जाता है कि उन्हें पर्याप्त विटामिन डी नहीं मिल पाता।
इसकी कमी से सेरोटोनिन लेवल गिरने लगता है, जिसकी सीधी मार नींद पर पड़ती है। जब नींद ही पूरी नहीं होती तो शरीर दिनभर थका हुआ महसूस करता है और "क्रेविंग" बढ़ जाती है—नतीजा, अनहेल्दी स्नैकिंग और फैट स्टोरेज।
धीरे-धीरे यह हार्मोनल असंतुलन पेट, कमर और जांघों के आस-पास चर्बी के रूप में नजर आने लगता है।
विटामिन बी12: एनर्जी की कमी से स्लो मेटाबॉलिज्म
विटामिन बी12 शरीर की एनर्जी का इंजन माना जाता है। जब यह विटामिन कम हो जाता है तो शरीर में थकान, चक्कर और सुस्ती जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं।
बी12 की कमी सीधा असर फैट मेटाबॉलिज्म पर डालती है। यानी कैलोरी बर्निंग धीमी पड़ जाती है और शरीर अतिरिक्त चर्बी जमा करना शुरू कर देता है।
इतना ही नहीं, यह विटामिन दिमाग और नर्वस सिस्टम को भी सपोर्ट करता है। इसकी कमी से लोग जल्दी थक जाते हैं, फिजिकल एक्टिविटी घट जाती है, और वजन का ग्राफ ऊपर जाने लगता है।
क्या करें उपाय?
अगर आपका वजन लगातार बढ़ रहा है और डाइट-एक्सरसाइज का भी असर नजर नहीं आ रहा, तो इसे अपनी इच्छाशक्ति की कमजोरी या अनुशासन की कमी न समझें। असल में यह शरीर के अंदरूनी सिग्नल हो सकता है।
सबसे पहले डॉक्टर से विटामिन डी और बी12 की जांच करवाएं।
जरूरत पड़ने पर सप्लीमेंट या मेडिसिन लें, लेकिन डॉक्टर की राय के बिना खुद से दवाइयां शुरू न करें।
साथ ही डाइट में बदलाव करें—धूप में थोड़ा वक्त बिताएं, हरी सब्जियां, दूध और प्रोटीन से भरपूर चीजें खाने में शामिल करें।
और हां, पर्याप्त नींद लें, क्योंकि नींद ही सबसे बड़ी नेचुरल थेरेपी है।
निचोड़ यह है कि मोटापे पर कंट्रोल सिर्फ जिम और डाइट से ही नहीं होता, बल्कि शरीर के अंदर छुपी विटामिन्स की कमी को पहचानना और समय पर सजग होना भी उतना ही जरूरी है।
_1576747793_100x75.png)
_1329697659_100x75.png)
_219830055_100x75.png)
_1144208169_100x75.png)
_1580588975_100x75.png)