Up kiran,Digital Desk : पाकिस्तान में भारत विरोधी आतंकियों के सफाए का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापक सदस्य और हाफिज सईद के बेहद करीबी आतंकी आमिर हमजा को अज्ञात हमलावरों ने गोलियों से भून डाला। यह हमला लाहौर के एक व्यस्त इलाके में एक न्यूज़ चैनल के दफ्तर के बाहर हुआ।
न्यूज़ चैनल के बाहर हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, आमिर हमजा बुधवार को लाहौर में एक न्यूज़ चैनल के कार्यालय के बाहर खड़ा था, तभी मोटरसाइकिल सवार अज्ञात बंदूकधारियों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
हालत नाजुक: हमजा को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार, उसकी स्थिति बेहद चिंताजनक है और वह वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। हालांकि, कुछ अपुष्ट खबरें उसके मारे जाने का दावा भी कर रही हैं।
कौन है आमिर हमजा? (लश्कर का 'दिमाग')
आमिर हमजा को लश्कर-ए-तैयबा के सबसे खतरनाक और वैचारिक नेताओं में गिना जाता है।
स्थापना में भूमिका: इसने हाफिज सईद के साथ मिलकर लश्कर की नींव रखी थी।
फंडिंग और प्रोपेगेंडा: हमजा लश्कर के लिए फंड जुटाने और युवाओं को कट्टरपंथी बनाने का विशेषज्ञ माना जाता है। वह लश्कर की पत्रिकाओं का संपादक भी रह चुका है।
विवादित लेखक: उसने 'काफिला दावत और शहादत' जैसी कई किताबें लिखी हैं, जिनमें भारत के खिलाफ जहर उगला गया है।
वैश्विक प्रतिबंध: अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने उसे वैश्विक आतंकवादी घोषित कर रखा है।
हाफिज का भरोसेमंद साथी और 'जैश-ए-मनकफा' का प्रमुख
जब पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा और लश्कर/जमात-उद-दावा पर कार्रवाई शुरू हुई, तब हमजा ने अपनी चाल बदली:
उसने 'जैश-ए-मनकफा' नाम से एक नया गुट बनाया ताकि वह प्रतिबंधों से बच सके।
भारतीय खुफिया एजेंसियों के अनुसार, यह गुट विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ और आतंकी हमलों की साजिश रचने के लिए काम कर रहा था।
वह अफगानिस्तान में मुजाहिदीन के तौर पर लड़ चुका था, इसलिए उसे युद्ध और रणनीति का गहरा अनुभव था।
पाकिस्तान में आतंकियों पर गिर रही 'अज्ञात' बिजली
पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान के भीतर भारत के कई मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों की 'अज्ञात हमलावरों' द्वारा हत्या की गई है। चाहे वो लश्कर के कमांडर हों या हिजबुल मुजाहिदीन के नेता, पाकिस्तान के सुरक्षित ठिकानों में अब ये आतंकी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। आमिर हमजा पर हुआ यह हमला इसी कड़ी का एक और बड़ा हिस्सा माना जा रहा है।




