Up Kiran,Digital Desk: उत्तर प्रदेश में बढ़ती आवासीय जरूरतों को देखते हुए राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने मोहनलालगंज क्षेत्र में दो नई और विशाल आवासीय टाउनशिप विकसित करने की योजना बनाई है। इन परियोजनाओं के तहत, लैंड पूलिंग मॉडल का उपयोग करते हुए, लगभग 4500 एकड़ भूमि एकत्र की जाएगी। यहां पर करीब आठ लाख लोगों के लिए आवास उपलब्ध कराए जाएंगे।
किसानों के साथ मिलकर जमीन जुटाने की नई प्रक्रिया
फरवरी 2026 से इन परियोजनाओं के लिए भूमि एकत्र करने की प्रक्रिया शुरू होगी। यह योजना पूरी तरह से सहमति आधारित होगी, जहां किसानों से बिना दबाव के भूमि ली जाएगी। परिषद सीधे भूमि अधिग्रहण नहीं करेगी, बल्कि किसानों के साथ मिलकर लैंड पूलिंग मॉडल के जरिए जमीन का आदान-प्रदान होगा। इस मॉडल से किसानों को भी लाभ मिलेगा, क्योंकि उन्हें विकसित भूमि के रूप में हिस्सेदारी मिलेगी। यह प्रक्रिया न केवल भूमि अधिग्रहण के पारंपरिक तरीकों से अलग है, बल्कि किसानों को एक नया अवसर भी प्रदान करती है।
कहां होंगी ये टाउनशिप योजनाएं?
मोहनलालगंज क्षेत्र में दो प्रमुख आवासीय टाउनशिप विकसित की जाएंगी। पहली योजना के तहत, चांद सराय, कासिमपुर, बिरूहा, हबुआपुर, मोअज्जम नगर, सठवारा, सिद्धपुरा, भटवारा, टिकरिया, कबीरपुर, मगहुआ और बेली जैसे गांवों की भूमि को चिन्हित किया गया है। दूसरी योजना के अंतर्गत, देहरामऊ, पहासा, बेली, शिथौलीकला, शिवलर और हबुआपुर गांवों की भूमि का चयन किया गया है।
सौमित्र विहार योजना: नए विकास की दिशा
मोहनलालगंज क्षेत्र के जेल रोड में प्रस्तावित सौमित्र विहार योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। यह योजना लगभग 250 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई है। यहां पर किसानों से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है। अक्टूबर 2025 में किसानों के लिए विकसित भूमि का लॉटरी के माध्यम से वितरण किया गया था और अब रजिस्ट्री की प्रक्रिया चल रही है। इस क्षेत्र की रणनीतिक स्थिति—अयोध्या, सुलतानपुर, प्रयागराज और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ी होने के कारण—यह क्षेत्र तेजी से एक प्रमुख आवासीय हब के रूप में उभर रहा है।
आईटी सिटी और वेलनेस सिटी: लखनऊ का भविष्य
इन दोनों योजनाओं को लेकर एक दिलचस्प मोड़ आया है। हालांकि, परिषद ने पहले चार योजनाओं का प्रस्ताव रखा था, लेकिन बाद में योजना संख्या दो और चार को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को सौंप दिया गया। इन योजनाओं के तहत अब क्षेत्र में आईटी सिटी और वेलनेस सिटी जैसी अत्याधुनिक परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। इन परियोजनाओं से लखनऊ में नई आर्थिक गतिविधियां उत्पन्न होंगी और शहर की विकास दर में एक बड़ा उछाल आएगा।
आवास योजनाएं सिर्फ लखनऊ तक सीमित नहीं
यद्यपि मोहनलालगंज में ये विकास योजनाएं बड़े पैमाने पर हो रही हैं, लेकिन सरकार की योजनाएं केवल लखनऊ तक सीमित नहीं हैं। वाराणसी में भी आवास विकास परिषद एक नई योजना पर काम कर रही है। काशी के पास लालबहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास काशीद्वार योजना के लिए भूमि एकत्र की जा रही है। इसके अतिरिक्त, प्रतापगढ़ में भी एक नई आवासीय योजना की शुरुआत की गई है, जिसके तहत जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।
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