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Up kiran,Digital Desk : मध्य प्रदेश के मंदसौर में पदस्थ जॉइंट कलेक्टर राहुल चौहान पर उनकी पत्नी निर्मला चौहान ने दहेज के लिए प्रताड़ित करने और मारपीट करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इंदौर पुलिस ने आखिरकार पति के खिलाफ FIR दर्ज तो कर ली है, लेकिन मामला एक बड़े अधिकारी से जुड़ा होने के कारण कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। पत्नी का आरोप है कि पति के अफसर होने के चलते लंबे समय तक उनकी रिपोर्ट तक नहीं लिखी गई और अब जब लिखी गई है, तो FIR में उनके पद का कहीं जिक्र तक नहीं है।

"शादी के अगले दिन से ही शुरू हो गई थी मारपीट"

पीड़िता निर्मला ने अपनी FIR में जो कहानी बताई है, वह बेहद दर्दनाक है। उन्होंने बताया, "मेरी शादी 16 दिसंबर 2018 को हुई थी। उस वक्त राहुल ट्रेनी डिप्टी कलेक्टर थे। शादी के अगले ही दिन से मेरे पति कम दहेज लाने का ताना देकर मेरे साथ गाली-गलौज और मारपीट करने लगे।" निर्मला का आरोप है कि यह सिलसिला सालों तक चलता रहा।

मारपीट, गर्भपात और दूसरी महिला से संबंध के गंभीर आरोप

  • दहेज की मांग: निर्मला का कहना है कि पति लगातार दहेज की मांग करते थे और जब उनकी मां ने पैसे देने में असमर्थता जताई, तो पति ने उनका मोबाइल तोड़ दिया और घर से निकाल दिया।
  • मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना: UPSC की तैयारी के लिए दिल्ली जाने से लेकर खरगोन, धार और सरदारपुर तक, जहाँ-जहाँ पति की पोस्टिंग रही, उन्हें लगातार प्रताड़ित किया गया।
  • जबरन गर्भपात: सबसे गंभीर आरोप यह है कि 2020 में गर्भावस्था के दौरान पति ने उन्हें इतना प्रताड़ित किया कि उनका मिसकैरेज हो गया।
  • दूसरी महिला से संबंध: निर्मला ने यह भी आरोप लगाया है कि जब वह धार में अपने पति के पास गईं, तो उन्हें पता चला कि पति किसी और महिला के साथ रह रहे हैं।

तलाक के लिए लगातार बनाते रहे दबाव

निर्मला का कहना है कि पति उन पर लगातार तलाक देने का दबाव बना रहे थे, लेकिन जब उन्होंने मना कर दिया, तो पति घर छोड़कर चले गए। तब से वह अपने मायके में ही रह रही हैं।

वकील ने कहा - "अफसर होने का फायदा उठाया जा रहा है"

पीड़िता के वकील का आरोप है कि आरोपी अपने पद और राजनीतिक प्रभाव کا गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। उनका कहना है कि पहले तो पुलिस शिकायत लिखने में ही आनाकानी कर रही थी, यह कहकर कि आरोपी एक सीनियर अफसर है।

पति ने कहा - "सारे आरोप झूठे हैं, मुझे कोर्ट पर भरोसा है"

वहीं, दूसरी तरफ जॉइंट कलेक्टर राहुल चौहान ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को baseless बताया है। उन्होंने कहा, "मेरा खुद तलाक का केस साढ़े तीन साल से चल रहा है, जो मैंने ही लगाया है। गर्भपात करवाने की बात पूरी तरह झूठी है, आप अस्पताल से सारे रिकॉर्ड निकलवा सकते हैं। इलाज का 15 लाख का खर्चा भी मैंने ही उठाया था।"

अब पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन एक अफसर पर लगे इन गंभीर आरोपों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।