img

Up Kiran, Digital Desk: आपका पेट सही तरीके से काम कर रहा है या फिर आपके शरीर में कुछ गड़बड़ी चल रही है? बहुत से लोग पेट की हल्की समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं, जैसे कि खाना खाने के बाद पेट में भारीपन, गैस या अपच। लेकिन हालिया शोध ने कुछ चौंकाने वाले तथ्यों को उजागर किया है। यह लक्षण दरअसल एक गंभीर बीमारी, फैटी लिवर या MASLD (मेटाबॉलिक डिसफंक्शन एसोसिएटेड स्टीएटोटिक लिवर डिजीज) का संकेत हो सकते हैं।

फैटी लिवर: नई पहचान, नया नाम

मेडिकल जगत में अब फैटी लिवर को 'NAFLD' (नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज) के बजाय MASLD कहा जाने लगा है। इस बदलाव का उद्देश्य बीमारी के असली कारण, यानी मेटाबॉलिक असंतुलन (जैसे मोटापा, उच्च रक्तचाप, शुगर और कोलेस्ट्रॉल) को और स्पष्ट करना है। शोध के मुताबिक, फैटी लिवर की पहचान केवल ब्लड टेस्ट या अल्ट्रासाउंड से नहीं हो सकती। असल में, यह लिवर में चर्बी जमा होने से पहले ही शरीर में संकेत देना शुरू कर देता है।

ये लक्षण हो सकते हैं संकेत

क्या आपने कभी सोचा है कि आपके पेट में हो रही छोटी-मोटी परेशानी बड़ी बीमारी का संकेत हो सकती है? कई लोग पेट के इन लक्षणों को हल्के-फुल्के गैस या अपच के रूप में नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन शोध से पता चला है कि जब फैटी लिवर की शुरुआत होती है, तो यह सबसे पहले पाचन तंत्र को प्रभावित करता है। अगर आप भी इनमें से किसी भी लक्षण का सामना कर रहे हैं, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए:

पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दबाव: यदि आपको अपने पेट के दाहिने हिस्से में हल्का दर्द या भारीपन महसूस होता है, तो यह फैटी लिवर का प्रारंभिक संकेत हो सकता है।

जल्दी पेट भरना और पेट का फूलना: थोड़ा सा खाना खाते ही अगर आपका पेट ज्यादा भरा हुआ महसूस होता है और गैस के कारण वह फूल जाता है, तो यह भी लिवर की परेशानी का संकेत हो सकता है।

लगातार मिचलाना या मतली: भारी या तला-भुना खाना खाने के बाद अगर आपको जी मिचलाने की समस्या होती है, तो यह भी फैटी लिवर के लक्षण हो सकते हैं।

फैटी लिवर का पाचन पर असर

लिवर हमारे शरीर की एक तरह से रासायनिक फैक्ट्री है। यह न केवल भोजन को पचाने का काम करता है, बल्कि शरीर में पोषक तत्वों को भी फिल्टर करता है। जब लिवर की कोशिकाओं में चर्बी जमा हो जाती है, तो उसकी कार्यप्रणाली प्रभावित होती है। इससे पित्त का निर्माण कम हो जाता है और पाचन की गति धीमी पड़ जाती है, जिसके परिणामस्वरूप गैस, भारीपन और पेट में बेचैनी जैसे लक्षण दिखने लगते हैं।

कैसे करें फैटी लिवर से बचाव?

फैटी लिवर की बीमारी से बचने के लिए जीवनशैली में बदलाव बेहद जरूरी है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इसे शुरुआत में पहचाना जाए, तो इसे पूरी तरह से ठीक (Reverse) किया जा सकता है। इसके लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:

संतुलित आहार: प्रोसेस्ड शुगर, मैदा और ज्यादा नमक वाले आहार से बचें। अपने भोजन में फाइबर युक्त पदार्थों को बढ़ाएं।

व्यायाम: रोजाना 30-40 मिनट की वॉक या हल्की एक्सरसाइज लिवर की चर्बी को कम करने में मदद कर सकती है।

वजन नियंत्रण: अगर आप अधिक वजन के हैं, तो इसे नियंत्रित करना लिवर की सेहत के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

समय पर जांच: अगर पेट के लक्षण बार-बार होते हैं, तो डॉक्टर से परामर्श लें और लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) कराएं।