Up Kiran, Digital Desk: सूत्रों ने रविवार को बताया कि पाकिस्तान स्थित आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) अगले साल 1 जनवरी से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के मीरपुर में सात दिवसीय 'तरबिया' या प्रशिक्षण शिविर का आयोजन करेगा। वांछित आतंकवादी मसूद अजहर द्वारा स्थापित यह आतंकी समूह समर्थन जुटाने के लिए गढ़ी हबीबुल्लाह और बालाकोट में भी जनसभाएं आयोजित कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार, इन रैलियों में छोटे बच्चे भी शामिल हो रहे हैं, जिन्हें आतंकी संगठन में भर्ती किया जा रहा है। इसके अलावा, लश्कर-ए-तैबा (एलईटीटी) ने पीओके में अपनी महिला शाखा को भी सक्रिय कर दिया है और लोगों की भर्ती के लिए शिविर आयोजित कर रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, इन शिविरों में लश्कर के अब्दुल रऊफ, रिजवान हनीफ और अबू मूसा शामिल हैं। आतंकी समूह पाकिस्तान और पीओके में अपने उन शिविरों का पुनर्निर्माण भी कर रहा है जो भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान क्षतिग्रस्त हो गए थे। यह ऑपरेशन 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में चलाया गया था जिसमें 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे।
खैबर पख्तूनख्वा में लश्कर का शिविर और जैश का ऑनलाइन कोर्स
सूत्रों ने बताया कि लश्कर ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लोअर दीर जिले में 'जिहाद-ए-अक्सा' नाम से एक आतंकी शिविर भी सक्रिय कर दिया है।
जैश की बात करें तो, सूत्रों ने पहले इंडिया टीवी को बताया था कि आतंकी संगठन ने आत्मघाती हमलों को अंजाम देने के लिए महिलाओं की भर्ती शुरू कर दी है। इसके लिए उसने रावलकोट में 'दुख्तरान-ए-इस्लाम' नाम से एक कार्यक्रम भी शुरू किया है। सूत्रों ने बताया कि जैश का मकसद इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) और हमास की तरह एक महिला ब्रिगेड बनाना है और वह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए महिलाओं की भर्ती कर रहा है।
जैश ने लोगों, विशेषकर महिलाओं को भर्ती करने के लिए 'तुफत अल-मुमिनात' नामक एक ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम भी शुरू किया है। इसके लिए वह ऑनलाइन माध्यमों से धनराशि भी जुटा रहा है। इस पाठ्यक्रम में अजहर के परिवार के सदस्य, विशेष रूप से उनकी बहनें सादिया अजहर और समायरा अजहर, प्रतिदिन 40 मिनट की कक्षाएं दे रही हैं।
इससे सुरक्षा बल सतर्क हो गए हैं, जो भारत को निशाना बनाने के उनके प्रयासों को विफल करने के लिए पाकिस्तान और पीओके में जैश और लश्कर की सभी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहे हैं।




