Up kiran,Digital Desk : राजधानी दिल्ली में देर रात हुई हल्की बूंदाबांदी और तेज हवाओं का असर रविवार को हवा की गुणवत्ता पर साफ नजर आया। 24 घंटे के भीतर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में करीब 50 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और दिल्ली का औसत एक्यूआई 265 पर पहुंच गया। हालांकि यह राहत सीमित रही और हवा अब भी ‘खराब’ श्रेणी में बनी हुई है। वहीं, पूरे एनसीआर में नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रिकॉर्ड की गई।
एनसीआर में नोएडा सबसे प्रदूषित, फरीदाबाद सबसे साफ
रविवार को नोएडा में एक्यूआई 252 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में है। गाजियाबाद की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक रही, जहां सूचकांक 343 तक पहुंच गया। गुरुग्राम में 206 और ग्रेटर नोएडा में 200 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया। इसके उलट फरीदाबाद की हवा अपेक्षाकृत साफ रही, जहां एक्यूआई 160 दर्ज हुआ और यह मध्यम श्रेणी में रहा।
वाहनों की हिस्सेदारी अब भी सबसे ज्यादा
वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के आंकड़ों के अनुसार, प्रदूषण में सबसे बड़ी हिस्सेदारी वाहनों की रही। कुल प्रदूषण में वाहन उत्सर्जन का योगदान 12.58 प्रतिशत दर्ज किया गया। इसके बाद पेरिफेरल उद्योगों से 8.58 प्रतिशत, आवासीय क्षेत्रों से 3.34 प्रतिशत, निर्माण गतिविधियों से 1.93 प्रतिशत और कूड़ा जलाने से 1.30 प्रतिशत प्रदूषण दर्ज किया गया।
हवाओं की दिशा और रफ्तार ने दी थोड़ी राहत
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, रविवार को हवा उत्तर-पूर्व दिशा से करीब 6 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली। अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 1000 मीटर रही, जबकि वेंटिलेशन इंडेक्स 3500 मीटर प्रति वर्ग सेकंड दर्ज किया गया। इन कारकों ने प्रदूषण को कुछ हद तक फैलने में मदद की, जिससे सूचकांक में गिरावट देखने को मिली।
पीएम स्तर अब भी चिंता का कारण
शाम पांच बजे दर्ज आंकड़ों के अनुसार, हवा में पीएम10 की मात्रा 167.6 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम2.5 की मात्रा 100.6 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रही। ये स्तर अब भी स्वास्थ्य के लिहाज से सुरक्षित नहीं माने जाते। सीपीसीबी का अनुमान है कि बुधवार तक दिल्ली-एनसीआर की हवा इसी श्रेणी में बनी रह सकती है।
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