Up Kiran, Digital Desk: केरल के एक स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान छात्रों द्वारा कथित तौर पर RSS से जुड़ा एक गीत गाए जाने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मामला सामने आने के बाद राज्य के शिक्षा विभाग ने जांच के आदेश दे दिए हैं। स्कूल के प्रिंसिपल ने इसे एक "अनजाने में हुई चूक" बताया है, लेकिन इस घटना ने राज्य में एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।
यह मामला पलक्कड़ जिले के एक सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल का है। आरोप है कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम के दौरान, छात्रों के एक समूह ने मंच पर एक गीत प्रस्तुत किया, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की प्रार्थना का हिस्सा माना जाता है। इस कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कई छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों ने इस पर आपत्ति जताई और इसे स्कूल परिसर का "सांप्रदायीकरण" करने का प्रयास बताया।
प्रिंसिपल ने दी सफाई, कहा- 'चूक हो गई'
विवाद बढ़ने के बाद स्कूल के प्रिंसिपल ने अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने मीडिया को बताया कि यह गीत स्कूल के एक शिक्षक द्वारा चुना गया था और उन्हें इस गीत के RSS से जुड़े होने की कोई जानकारी नहीं थी।
प्रिंसिपल ने कहा, "यह एक अनजाने में हुई गलती थी। शिक्षक ने देशभक्ति गीत के तौर पर इंटरनेट से यह गाना चुना था। हमारा इरादा किसी भी राजनीतिक विचारधारा को बढ़ावा देना नहीं था। हमें इस घटना पर खेद है और भविष्य में ऐसी कोई गलती न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए हम और अधिक सतर्क रहेंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल का किसी भी राजनीतिक संगठन से कोई लेना-देना नहीं है और वे हमेशा से धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को बढ़ावा देते आए हैं।
शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और शिकायतें मिलने के बाद, राज्य के शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। उप शिक्षा निदेशक ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और स्कूल से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में कोई कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर शिक्षा के मंदिरों में राजनीतिक विचारधाराओं के प्रभाव को लेकर बहस छेड़ दी है। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों का मानना है कि स्कूलों को इस तरह के विवादों से दूर रखा जाना चाहिए ताकि छात्रों पर किसी भी तरह का राजनीतिक प्रभाव न पड़े।


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