Up kiran,Digital Desk :अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावोस पहुंचने से पहले ही टैरिफ को लेकर अमेरिका और यूरोप के बीच तनाव खुलकर सामने आ गया है। ग्रीनलैंड और यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की ट्रंप की धमकी ने वैश्विक आर्थिक मंच दावोस में हलचल बढ़ा दी है। इसी बीच अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने टैरिफ को लेकर यूरोप की नाराजगी की निंदा करते हुए कहा कि यूरोपीय देश जल्दबाजी न करें और पहले ट्रंप की बात को ध्यान से सुनें। दावोस में चल रहे विश्व आर्थिक सम्मेलन में अमेरिका-यूरोप संबंधों में खटास, ग्रीनलैंड का मुद्दा और मौजूदा वैश्विक व्यवस्था पर मंडराते खतरे को लेकर गंभीर चर्चा हो रही है।
यूरोप की चिंता पर अमेरिकी वित्त मंत्री का पलटवार
स्कॉट बेसेंट से जब ट्रंप की टैरिफ धमकी पर यूरोपीय नाराजगी के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने इसे बेवजह की चिंता बताया। उन्होंने यूरोपीय संघ से अपील की कि ट्रंप के दावोस पहुंचने तक इंतजार किया जाए। बेसेंट का कहना था कि जब यूरोपीय देश ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की चिंताओं को समझेंगे, तो वे भी इस मुद्दे पर सहमत हो सकते हैं।
टैरिफ बयान के बाद अमेरिकी बाजारों में गिरावट
वित्त मंत्री भले ही यूरोप की प्रतिक्रिया को हल्के में ले रहे हों, लेकिन ट्रंप के टैरिफ संकेतों का असर अमेरिकी शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। बाजार में हर सेक्टर में गिरावट दर्ज हुई। एसएंडपी इंडेक्स 143 अंकों की गिरावट के साथ 6,796 पर बंद हुआ, जो अक्तूबर के बाद की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। हालांकि स्कॉट बेसेंट ने कहा कि बाजार की इस प्रतिक्रिया से वह बिल्कुल भी चिंतित नहीं हैं।
यूरोप ने भी दिए जवाबी कार्रवाई के संकेत
स्कॉट बेसेंट का यह बयान ऐसे समय आया है, जब यूरोप की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेन ने ट्रंप के नए टैरिफ को गलती बताते हुए अमेरिका की नीति पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने साफ कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो यूरोपीय संघ भी अमेरिका के खिलाफ जवाबी कदम उठा सकता है। माना जा रहा है कि ट्रंप अगले कुछ घंटों में दावोस पहुंचेंगे और बुधवार को सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
फेडरल रिजर्व को लेकर भी जताई नाराजगी
टैरिफ के अलावा स्कॉट बेसेंट ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रति भी असंतोष जाहिर किया। ट्रंप प्रशासन फेडरल रिजर्व की गवर्नर लिजा कुक को पद से हटाने की कोशिश कर रहा है। प्रशासन का आरोप है कि उन्होंने मोर्गेज से जुड़े मामलों में गड़बड़ी की है, हालांकि लिजा कुक इन आरोपों से इनकार कर चुकी हैं। यह मामला फिलहाल अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। दिलचस्प बात यह है कि फेडरल रिजर्व के 112 साल के इतिहास में अब तक किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने किसी गवर्नर को पद से नहीं हटाया है।
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