Up kiran,Digital Desk :अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्विट्जरलैंड के दावोस में पहुंचे और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में भाग लेने के लिए तैयार हैं। ट्रंप का यह दौरा वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के अहम मंच पर अमेरिका की सख्त विदेशनीति को उजागर करता है। इस दौरान वह विश्व नेताओं और उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे और वैश्विक आर्थिक तथा सुरक्षा मुद्दों पर अपने दृष्टिकोण को साझा करेंगे।
दावोस पहुंचने के बाद कूटनीतिक हलचल तेज
अमेरिकी राष्ट्रपति का विमान एयर फोर्स वन ज्यूरिख एयरपोर्ट पर उतरा और वहां से ट्रंप सीधे दावोस रवाना हुए। उनके कार्यक्रम में कारोबार जगत के नेताओं से मुलाकात के साथ वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भाषण शामिल है। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब यूक्रेन युद्ध, वैश्विक मंदी और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर पूरी दुनिया की निगाहें अमेरिका पर टिकी हैं।
ब्रिटेन पर अमेरिका की नाराजगी
दावोस दौरे से पहले अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने चागोस द्वीप समझौते को लेकर ब्रिटेन पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि चागोस द्वीप समूह की संप्रभुता मॉरीशस को सौंपने का ब्रिटेन का निर्णय अमेरिका को निराश कर रहा है। बेसेंट ने जोर देकर कहा कि गार्सिया में मौजूद संयुक्त अमेरिका-ब्रिटेन सैन्य अड्डा दोनों देशों की साझा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है और इस फैसले से रणनीतिक हित कमजोर हो सकते हैं।
वैश्विक मंच पर अमेरिका का संदेश
ट्रंप के इस दौरे से वैश्विक समुदाय को अमेरिका की सख्त विदेशनीति और सुरक्षा प्राथमिकताओं का संदेश मिलेगा। दावोस में उनके भाषण और उद्योग जगत के नेताओं से संवाद को वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव डालने वाला माना जा रहा है।
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