Up kiran,Digital Desk : उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए शुक्रवार का दिन खुशियों की सौगात लेकर आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में बजट चर्चा के दौरान एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय (Honorarium) में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 2 लाख से अधिक परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
शिक्षामित्रों को 18 हजार और अनुदेशकों को मिलेंगे 17 हजार रुपये
सीएम योगी ने सदन को संबोधित करते हुए बताया कि काफी समय से मानदेय बढ़ाने की मांग की जा रही थी, जिसे सरकार ने अब मंजूरी दे दी है।
शिक्षामित्र: अब तक 10,000 रुपये पाने वाले शिक्षामित्रों को अब हर महीने 18,000 रुपये मिलेंगे।
अनुदेशक: अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय को भी बढ़ाकर 17,000 रुपये कर दिया गया है।
कब से लागू: मानदेय की यह नई दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगी।
शिक्षकों के लिए 5 लाख का कैशलेस इलाज और नए विद्यालय
मुख्यमंत्री ने केवल मानदेय ही नहीं, बल्कि शिक्षकों के कल्याण के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं:
कैशलेस हेल्थ कार्ड: प्रदेश के शिक्षकों को अब 5 लाख रुपये तक के मुफ्त कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।
कस्तूरबा गांधी विद्यालय: जहां कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय नहीं हैं, वहां नए विद्यालय बनाए जाएंगे। इसके लिए सरकार ने 580 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।
डिजिटल उद्यमी: गांवों में 8,000 डिजिटल उद्यमी (Digital Entrepreneurs) स्थापित किए जाएंगे, जिसमें 50% आरक्षण महिलाओं को दिया जाएगा।
किसानों को फ्री बिजली और सोलर पैनल का तोहफा
कृषि क्षेत्र पर चर्चा करते हुए सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर तीखा प्रहार किया और अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं:
मुफ्त बिजली: प्रदेश के 16 लाख किसानों को वर्तमान में मुफ्त बिजली दी जा रही है।
सोलर पैनल: सरकार अब किसानों को सोलर पैनल भी उपलब्ध कराएगी ताकि सिंचाई की लागत शून्य की जा सके।
कृषि एक्सपोर्ट: कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये की विशेष व्यवस्था की गई है।
शिक्षा और पेटेंट में यूपी का नया रिकॉर्ड
सीएम ने बताया कि उत्तर प्रदेश अब उच्च शिक्षा का हब बन रहा है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों ने 5,000 से ज्यादा पेटेंट फाइल किए हैं, जिनमें से 300 को स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले 6 मंडलों में एक भी विश्वविद्यालय नहीं था, लेकिन आज हर मंडल में विश्वविद्यालय का निर्माण हो रहा है और हम विदेशी विश्वविद्यालयों को भी यूपी में आमंत्रित कर रहे हैं।




