img

Tesla Share Price: एलन मस्क की ऑटोमोबाइल कंपनी टेस्ला, जो लंबे समय तक इनोवेशन और मुनाफे की वजह से चर्चाओं में रही, अब एक कठिन दौर से गुजर रही है। जनवरी 2025 के आखिर से शुरू हुए झटकों का सिलसिला लगातार जारी है। बीते कुछ महीनों में टेस्ला के शेयरों की कीमत में भारी गिरावट दर्ज की गई है। 21 जनवरी से लेकर 3 अप्रैल, 2025 तक टेस्ला के शेयरों में लगभग 37 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह गिरावट सिर्फ एक वित्तीय मुद्दा नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई राजनीतिक और कारोबारी कारण भी हैं।

टेस्ला की गिरती बिक्री और घटती लोकप्रियता

टेस्ला की सबसे बड़ी ताकत रही है उसकी तकनीकी श्रेष्ठता और पर्यावरण अनुकूल उत्पाद, लेकिन बीते कुछ समय से ग्राहक टेस्ला की गाड़ियों से दूरी बनाते दिख रहे हैं। वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में कंपनी की ग्लोबल सेल्स में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 3,86,810 गाड़ियां बेची थीं, जो इस बार घटकर 3,36,681 रह गई। यह गिरावट सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि कंपनी की विश्वसनीयता और ग्राहक विश्वास पर भी असर डाल रही है।

एलन मस्क और राजनीति की नई पारी

एलन मस्क की राजनीति में एंट्री ने कंपनी के माहौल को और जटिल बना दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मस्क को 'डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी' (DOGE) का प्रमुख नियुक्त किया है। इसका उद्देश्य अमेरिकी सरकारी खर्च को कम करना है, लेकिन मस्क की इस नई भूमिका ने निवेशकों में अनिश्चितता पैदा कर दी है। ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद 21 जनवरी को टेस्ला के शेयर 433.20 डॉलर के इंट्राडे हाई पर पहुंचे थे, लेकिन दिन के अंत में यह 424.07 डॉलर पर बंद हुए।

बाजार में बढ़ता दबाव और नई चुनौतियां

NASDAQ के आंकड़ों के मुताबिक, ट्रंप की नई टैरिफ नीति की घोषणा के बाद 3 अप्रैल को टेस्ला के शेयर 267.28 डॉलर पर बंद हुए। इसका सीधा मतलब है कि टेस्ला के शेयरों में करीब 36.97 प्रतिशत यानी 156.79 डॉलर की गिरावट आई है। इस गिरावट के पीछे केवल घरेलू नीतियां नहीं हैं, बल्कि इंटरनेशनल मार्केट में BYD जैसी इलेक्ट्रिक कार कंपनियों की तेजी से बढ़ती मौजूदगी भी एक कारण है। इन हालात में मस्क को निवेशकों और ग्राहकों दोनों का भरोसा दोबारा जीतना होगा।

अमेरिकी शेयर बाजार की हालत और वैश्विक असर

2 अप्रैल को डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित नई टैरिफ पॉलिसी ने न सिर्फ अमेरिका, बल्कि दुनियाभर के बाजारों में हलचल मचा दी। भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के बाद, अमेरिकी बाजार में भी भारी उथल-पुथल देखने को मिली। Nasdaq करीब 6 प्रतिशत, S&P 500 में 4.8 प्रतिशत और Dow Jones में 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट का असर सबसे ज्यादा टेस्ला, अमेजन, एप्पल, एनवीडिया, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और मेटा जैसी दिग्गज कंपनियों पर पड़ा।

इस आर्थिक झटके का सबसे बड़ा प्रभाव एलन मस्क की नेटवर्थ पर पड़ा है। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल मस्क की संपत्ति में 110 बिलियन डॉलर यानी करीब 25.5 प्रतिशत की गिरावट आई है। एक समय दुनिया के सबसे अमीर शख्स रहे मस्क को अब कारोबार के साथ-साथ राजनीति के भी कई नए मोर्चों पर जूझना पड़ रहा है।

--Advertisement--