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उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता ने विभागीय समीक्षा बैठक में राज्यमंत्री ग्राम्य विकास श्रीमती विजय लक्ष्मी गौतम जी, अध्यक्ष/अपर मुख्य सचिव, दीन दयाल उपाध्याय राज्य ग्रामीण विकास संस्थान श्री बैंकटेश लू, अपर मुख्य सचिव श्री बीएल मीणा, आयुक्त ग्राम्य विकास श्री जीएस प्रियदर्शी, उ0प्र0 राज्य ग्रामीण सड़क अभिकरण मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री अंकुर कौशिक, निदेशक राज्य आजीविका मिशन श्रीमति दीपा रंजन, निदेशक ग्रामीण इंजीनियरिंग विभाग श्री इसम सिंह सहित संबंधित विभागों के सभी वरिष्ठ अधिकारी एवं शासन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

ग्राम्य विकास एवं ग्रामीण इंजीनियरिंग: उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों को अधिकतम लाभ मिल सके।

प्रशिक्षण में पारदर्शिता (DDU-SIRD): दीन दयाल उपाध्याय राज्य ग्रामीण विकास संस्थान को प्रतिमाह 1 लाख लोगों को प्रशिक्षण दिलाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। पारदर्शिता हेतु सभी प्रशिक्षणकर्ताओं की उपस्थिति बायोमेट्रिक माध्यम से अनिवार्य की जाएगी। साथ ही, विभागवार एक विस्तृत प्रशिक्षण कैलेंडर भी जारी किया जाए।

 उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण सड़क अभिकरण को निर्देशित किया गया कि वे पर्यावरण अनुकूल (Eco-friendly) और लोंग लास्टिंग (दीर्घकालिक) नई तकनीक पर आधारित सड़कों का निर्माण करें, जिससे ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हो।

राज्य आजीविका मिशन: प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप, 3 करोड़ सखियों (लखपति दीदी) को बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु युद्ध स्तर पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।

ग्राम्य विकास विभाग प्रदेश के सभी 75 जिलों में 'जी राम जी योजना' कार्यक्रम तैयार करें ।

सार्वजनिक उद्यम विभाग को महापुरुषों के नाम पर नई जनहितकारी योजनाएं बनाने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि विकास कार्यों के लिए आवंटित बजट किसी भी दशा में लेप्स नहीं होना चाहिए और उसका समयबद्ध एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।