Up kiran,Digital Desk : कभी-कभी ज़मीन का एक छोटा सा टुकड़ा रिश्तों और इंसानियत से कितना बड़ा हो जाता है, इसकी एक दिल दहला देने वाली कहानी बिहार के पूर्णिया से सामने आई है। यहाँ एक 60 साल के बुज़ुर्ग, सकलदेव महतो, को उनके अपने ही घर में घुसकर कुदाल से पीट-पीटकर बेरहमी से मार डाला गया।
उस खौफनाक दिन की कहानी, बेटी की ज़ुबानी
मृतक की बेटी रूबी देवी ने रोते-बिलखते हुए जो बताया, वो किसी का भी दिल दहला सकता है। उसने कहा, "पापा ने यह ज़मीन कानूनी तौर पर खरीदी थी, सारे कागज़ हमारे पास हैं। लेकिन कटिहार के रहने वाले सुदामा मंडल और उसके चार बेटे इस ज़मीन पर कब्ज़ा करना चाहते थे।"
रूबी ने बताया कि रविवार को यह विवाद इतना बढ़ गया कि सुदामा मंडल अपने चारों बेटों—मंचन, हरि, पलटू और लालू—के साथ उनके घर में घुस आया। जब उसके पिता सकलदेव महतो ने उनका विरोध किया, तो उन पांचों ने मिलकर उन पर कुदाल से हमला कर दिया और उन्हें तब तक मारते रहे जब तक उनकी जान नहीं चली गई। परिवार वाले उन्हें अस्पताल लेकर भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
एक तरफ पिता की लाश, दूसरी तरफ परदेस में बेटे
इस परिवार का दुख तब और भी ज़्यादा बढ़ गया, जब यह पता चला कि सकलदेव महतो के दोनों बेटे, अर्जुन और गोलू, सिर्फ 15 दिन पहले ही घर की गरीबी दूर करने का सपना लेकर कमाने के लिए केरल गए थे। उन्हें क्या पता था कि जिस पिता से वे हँसते-खेलते विदा लेकर निकले थे, अब वे उनकी लाश देखने के लिए ही वापस लौटेंगे।
पिता की हत्या की खबर सुनते ही पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस ने बेटी के बयान पर चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी ہے और अब गांव वाले बस यही मांग कर रहे हैं कि इन दरिंदों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और इस बेबस परिवार को इंसाफ मिले।




