Up kiran,Digital Desk : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए जारी सियासी दंगल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीरभूम के सूरी से हुंकार भरी है। गृह मंत्री अमित शाह के हमलों का जवाब देते हुए ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने पीएम मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' को युवाओं के दिमाग को प्रभावित करने और उन्हें गुमराह करने का एक माध्यम बताया।
'युवाओं के मन को प्रभावित करने की कोशिश'
सूरी में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, "प्रधानमंत्री का 'मन की बात' कार्यक्रम केवल युवाओं के मन को प्रभावित करने के लिए प्रसारित किया जा रहा है। चुनाव के समय ऐसे कार्यक्रमों का इस्तेमाल मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।" उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह दिल्ली की शक्तियों का दुरुपयोग कर बंगाल पर कब्जा करना चाहती है, लेकिन बंगाल की जनता इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी।
'19 राज्य और केंद्र मेरे खिलाफ, मैं अकेली लड़ रही हूं'
ममता बनर्जी ने खुद को जनता के लिए संघर्ष करने वाली अकेली योद्धा के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा, "आज 19 राज्यों की सरकारें और पूरी केंद्र सरकार मेरे खिलाफ एकजुट हो गई है। मैं अकेली आम लोगों के हक के लिए लड़ रही हूं।" मुख्यमंत्री ने आत्मविश्वास जताते हुए दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस बार 226 से अधिक सीटें जीतकर राज्य में प्रचंड बहुमत के साथ वापसी करेगी।
शाह के 'उल्टा लटकाने' वाले बयान पर मचा घमासान
बीरभूम की धरती पर ही गृह मंत्री अमित शाह ने टीएमसी के 'सिंडिकेट' और 'कटमनी' पर प्रहार करते हुए कहा था कि भाजपा सरकार आने पर ऐसे लोगों को "उल्टा लटकाकर सीधा कर दिया जाएगा।" इसके जवाब में ममता बनर्जी ने भाजपा को 'बुलडोजर की राजनीति' करने वाली पार्टी बताया और कहा कि बंगाल विकास और शांति चाहता है, धमकियां नहीं।
भाजपा के वादों पर ममता का पलटवार
अमित शाह द्वारा किए गए वादों—जैसे समान नागरिक संहिता (UCC), महिलाओं को 3000 रुपये मासिक और युवाओं को बेरोजगारी भत्ता—पर तंज कसते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा केवल चुनाव के समय झूठे सपने दिखाती है। उन्होंने संदेशखाली और आरजी कर जैसी घटनाओं पर भाजपा के हमलों को राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया और जनता से अपील की कि वे बाहरी ताकतों को राज्य की सत्ता से दूर रखें।
बंगाल का सियासी तापमान चरम पर
बीरभूम इस समय बंगाल की राजनीति का केंद्र बन गया है, जहां एक ही दिन में शाह और ममता दोनों ने रैलियां कर माहौल को गरमा दिया है। एक तरफ भाजपा 'सुरक्षा और विकास' का नारा दे रही है, तो दूसरी तरफ ममता 'बंगाल की अस्मिता और संघर्ष' के दम पर किलेबंदी में जुटी हैं।




