
Up Kiran, Digital Desk: तेलंगाना में इन दिनों आसमान से आफत बरस रही है। भारी बारिश और बाढ़ ने छह जिलों में हाहाकार मचा दिया है। कई गाँव पानी में डूब गए, घर तबाह हो गए और हज़ारों जिंदगियां लहरों के बीच फंस गईं। जब चारों तरफ सिर्फ़ पानी का प्रलय और मौत का सन्नाटा था, तब देवदूत बनकर सामने आए दमकल विभाग के जवान।
हर तरफ़ बस पानी और उम्मीद की एक नाव
सोचिए उस मंज़र के बारे में, जहाँ आपका घर पानी में गर्दन तक डूबा हो, छोटे-छोटे बच्चे और बूढ़े माँ-बाप सहमे हुए छत पर बैठे हों और नीचे उफनती नदी सब कुछ निगल जाने को तैयार हो। ऐसी ही désperate situations में फंसे 1600 से ज़्यादा लोगों के लिए दमकल विभाग के कर्मचारी भगवान बन गए।
तेलंगाना राज्य आपदा प्रतिक्रिया और अग्निशमन सेवा विभाग (TSDR&FS) की टीमों ने दिन-रात एक कर दिया। अपनी जान की परवाह किए बिना, ये जवान अपनी नावों और बचाव उपकरणों के साथ उन खतरनाक इलाकों में घुसे, जहाँ पहुंचना लगभग नामुमकिन था।
दिलों को छू लेने वाले बचाव कार्य
कई जगहों पर गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित निकाला गया, ताकि एक नई ज़िंदगी दुनिया में आने से पहले ही खत्म न हो जाए।
बीमार और बुज़ुर्ग लोगों को कंधों पर उठाकर पानी से बाहर लाया गया।
छोटे-छोटे बच्चों को अपनी गोद में लेकर, उफनती लहरों को चीरते हुए जवान सुरक्षित जगहों पर पहुँचे।
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