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Up kiran,Digital Desk : अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में भारतीय प्रतिभा का डंका एक बार फिर बजा है। नासा के ऐतिहासिक आर्टेमिस-2 (Artemis-II) मिशन की शानदार सफलता के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक चेहरा पूरी दुनिया के आकर्षण का केंद्र बना—वह थे भारतीय मूल के वैज्ञानिक अमित क्षत्रिय (Amit Kshatriya)। नासा के 'एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर' के रूप में कार्यरत अमित आज एजेंसी के सबसे वरिष्ठ सिविल अधिकारियों में से एक हैं और नासा प्रशासक जारेड आइजैकमैन के मुख्य सलाहकार की भूमिका निभा रहे हैं।

ह्यूस्टन में रॉकेट देखकर शुरू हुआ था सफर

अमित क्षत्रिय का जन्म अमेरिका के विस्कॉन्सिन में एक भारतीय प्रवासी परिवार में हुआ था। हालांकि, उनका बचपन ह्यूस्टन के पास 'केटी' शहर में बीता। नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर के करीब रहने के कारण उन्होंने बचपन में कई रॉकेट लॉन्च देखे, जिसने उनके मन में अंतरिक्ष के प्रति गहरा आकर्षण पैदा कर दिया। उन्होंने कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech) से गणित में स्नातक और यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास से मास्टर्स की डिग्री हासिल की।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर से शीर्ष पद तक का सफर

अमित ने अपने करियर की शुरुआत तेल-गैस और मेडिकल सेक्टर से की थी, लेकिन अंतरिक्ष की चाह उन्हें 2003 में नासा के करीब ले आई।

शुरुआती भूमिकाएं: उन्होंने नासा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर, रोबोटिक्स इंजीनियर और स्पेसक्राफ्ट ऑपरेटर के रूप में काम किया।

फ्लाइट डायरेक्टर: 2014 से 2017 के बीच वे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के फ्लाइट डायरेक्टर रहे, जहां उन्होंने पूरी दुनिया की टीमों का नेतृत्व किया।

मून टू मार्स: सितंबर 2025 में उन्हें नासा का एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त किया गया। इससे पहले वे 'मून टू मार्स' (Moon to Mars) प्रोग्राम के डिप्टी एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर थे, जिसका लक्ष्य चंद्रमा पर इंसानों की स्थायी मौजूदगी और भविष्य में मंगल मिशन की तैयारी करना है।

आर्टेमिस-2 मिशन में निभाई प्रमुख भूमिका

आर्टेमिस-2 मिशन की सफलता की जानकारी देने के लिए जब नासा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, तो मंच पर मौजूद शीर्ष पांच अधिकारियों में सबसे पहले बोलने का मौका अमित क्षत्रिय को दिया गया। उन्होंने चंद्रमा के लिए मानवयुक्त यान की वापसी और ओरियन कैप्सूल की सुरक्षित लैंडिंग से जुड़े तकनीकी पहलुओं का नेतृत्व किया। उनकी इस उपलब्धि पर आज हर भारतीय गर्व महसूस कर रहा है।

उपलब्धियां और सम्मान

अंतरिक्ष विज्ञान और सुरक्षा में उनके अद्वितीय योगदान के लिए अमित क्षत्रिय को कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है:

नासा आउटस्टैंडिंग लीडरशिप मेडल: उनके उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए।

सिल्वर स्नूपी (Silver Snoopy) अवॉर्ड: यह सम्मान अंतरिक्ष यात्रियों की उड़ान सुरक्षा में विशेष योगदान के लिए दिया जाता है।

अमित क्षत्रिय की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। उन्होंने साबित कर दिया है कि कड़ी मेहनत और विजन के साथ एक छोटा सा सपना भी नासा जैसी संस्था के शीर्ष तक पहुंचा सकता है।