UP Kiran,Digital Desk: बीते शुक्रवार हरियाणा के मंत्री अनिल विज और कैथल की एसपी उपासना यादव के बीच एक उच्चस्तरीय बैठक में विवाद गहरा गया। यह मामला उप-निरीक्षक के निलंबन को लेकर उत्पन्न हुआ, जो बाद में वायरल हो गया। इस बहस ने न केवल राजनीति और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े किए, बल्कि इसने उन सरकारी अधिकारियों की कार्यशैली और उनके अधिकारों के सीमा को भी उजागर किया। आइए जानते हैं इस पूरे विवाद के बारे में विस्तार से।
क्या था विवाद?
शुक्रवार को राज्य सरकार के कैथल जिले में एक शिकायत निवारण बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक में एक स्थानीय निवासी संदीप मलिक ने एक उप-निरीक्षक के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे। आरोप यह था कि उप-निरीक्षक ने जमीन खरीदने के मामले में संदीप के साथ धोखा किया था। जब इस मुद्दे को मंत्री अनिल विज के सामने उठाया गया, तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए उप-निरीक्षक को निलंबित करने का आदेश दिया।
लेकिन एसपी उपासना यादव ने तुरंत ही मंत्री के आदेश पर असहमति जताई। उनका कहना था कि इस उप-निरीक्षक के निलंबन का अधिकार उनके पास नहीं है क्योंकि यह अधिकारी कुरुक्षेत्र जिले से संबंधित है और वहां के एसपी का इस मामले में हस्तक्षेप जरूरी है। इसके बावजूद, अनिल विज ने अपने आदेश में कोई बदलाव नहीं किया और एसपी से कहा, "तुम्हारे पास पावर नहीं है, तो फिर तुम यहां से क्यों खड़ी हो?" इस विवाद ने सोशल मीडिया पर तूल पकड़ा और यह पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया।
उपासना यादव की भूमिका और प्रोफाइल
उपासना यादव, जो 2017 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं, ने हाल ही में कैथल के एसपी के रूप में कार्यभार संभाला है। यह उनका दूसरा कार्यकाल है। इससे पहले भी वह 2023 में कैथल की एसपी रह चुकी हैं। उनका ध्यान हमेशा कानून-व्यवस्था बनाए रखने, महिलाओं की सुरक्षा और नशे के खिलाफ संघर्ष पर रहा है। उनके शासन में कैथल में अपराधों की संख्या में कमी आई है और प्रशासन को एक नया दिशा मिली है।
उपासना यादव की ज़िंदगी की यात्रा बेहद प्रेरणादायक रही है। वह हरियाणा के नांगल मूंदी गांव की रहने वाली हैं। बी. फार्मा की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास की और आईपीएस अधिकारी बनीं। उनके बारे में यह भी कहा जाता है कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम करती हैं, और उनका उद्देश्य हमेशा नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना रहा है।
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