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Up Kiran, Digital Desk: भारत में इस समय मौसम का बदलाव लोगों के लिए खासा चुनौतीपूर्ण बन गया है। दिन में हल्की धूप थोड़ी राहत देती है, लेकिन सुबह और शाम के समय की सर्दी में कई लोग परेशान हो रहे हैं। खासकर त्वचा और स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर देखा जा रहा है। मॉइस्चराइजर लगाने के बावजूद हाथ, पैर, एड़ियां और होंठ सूखकर फट रहे हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स इसे सूखी ठंड का प्रभाव मान रहे हैं।

मौसम की दो प्रमुख शैलियां

1. सूखी ठंड (Dry Cold):

इस प्रकार की ठंड में हवा में नमी की मात्रा बहुत कम होती है। पहाड़ी इलाकों से आने वाली ठंडी हवाएं और तेज धूप इसे और अधिक शुष्क बना देती हैं। इसके कारण त्वचा से नमी तेजी से उड़ने लगती है और त्वचा बेजान, खुरदरी और फटी हुई नजर आती है।

2. नम ठंड (Humid Cold):

इसमें हवा में अधिक नमी होती है, जैसे बारिश या कोहरे के समय। हालाँकि यह ठंड ज्यादा कड़ी महसूस होती है, लेकिन इस समय त्वचा को प्राकृतिक नमी मिलती रहती है, जिससे त्वचा पर दरारें नहीं पड़तीं।

सूखी ठंड का असर

सूखी ठंड का असर मुख्य रूप से शरीर की नमी के स्तर पर पड़ता है।

त्वचा पर असर: त्वचा के प्राकृतिक तेल कम हो जाते हैं और छोटे-छोटे क्रैक्स (दरारें) दिखाई देने लगती हैं।

स्वास्थ्य पर असर: नाक और गले की अंदरूनी परतें सूख जाती हैं, जिससे सांस संबंधी समस्याएं, खांसी और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ता है।

त्वचा और सेहत को बचाने के आसान उपाय

त्वचा को मॉइस्चराइज रखें

सर्दी में त्वचा को सूखा होने से बचाने के लिए लगातार मॉइस्चराइज करना बेहद जरूरी है। पेट्रोलियम जेली, शिया बटर और सेरामाइड वाले उत्पाद अधिक प्रभावी होते हैं।

'3 मिनट का नियम'

नहाने के बाद या हाथ धोने के तीन मिनट के भीतर मॉइस्चराइजर का उपयोग करें। इससे त्वचा में नमी बनी रहती है और उसे ज्यादा नुकसान नहीं होता।

मौसम से बचाव के उपाय

सर्दी से बचने के लिए टोपी, दस्ताने और स्कार्फ का इस्तेमाल करें। ये न सिर्फ शरीर को गर्म रखेंगे, बल्कि त्वचा को भी ठंडी हवाओं से बचाएंगे।

ह्यूमिडिफायर का प्रयोग

रात के समय कमरे में ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करके हवा में नमी बनाए रखें। इससे त्वचा की नमी बनी रहती है और शुष्क ठंड का असर कम होता है।

सेहत को लेकर खास सावधानियां

हाइड्रेशन का ध्यान रखें

सर्दी में भी शरीर को पर्याप्त पानी की आवश्यकता होती है। पानी पीने से त्वचा और स्वास्थ्य दोनों पर सकारात्मक असर पड़ता है।

श्वसन तंत्र की सुरक्षा

सर्दी-जुकाम, फ्लू, और निमोनिया जैसी बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण करवाएं और अस्थमा या COPD के मरीज अपनी दवाइयां नियमित रूप से लें।

हीटर का सही उपयोग

घर में हीटर का इस्तेमाल करते वक्त यह सुनिश्चित करें कि कमरे में हवा का आवागमन सही हो। बंद कमरे में हवा का प्रवाह रोकने से नमी का स्तर और भी घट सकता है।