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Up kiran,Digital Desk : सोमवार को संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दो ऐसे बिल पेश किए, जिनके बारे में जानकर सिगरेट और पान मसाला खाने वालों की चिंता बढ़ सकती है। सरकार एक पुराना टैक्स हटाकर उसकी जगह दो नए टैक्स लाने की तैयारी में है, जिससे इन चीज़ों पर टैक्स का बोझ कम न हो।

आखिर यह सब हो क्यों रहा है?

आसान भाषा में समझें तो, जब GST आया था, तो राज्यों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए कुछ चीज़ों (जैसे- तंबाकू, पान मसाला और लग्जरी आइटम्स) पर एक एक्स्ट्रा टैक्स (सेस) लगाया गया था। यह सेस दिसंबर में खत्म हो रहा है। अगर सरकार कुछ नहीं करती, तो इन चीज़ों पर टैक्स कम हो जाता और सरकार को राजस्व का भारी नुकसान होता। इसी नुकसान से बचने के लिए यह नया प्लान लाया गया है।

बिल नंबर 1: अब सिगरेट और तंबाकू पर लगेगी नई एक्साइज ड्यूटी

  • कितनी होगी ड्यूटी? उदाहरण के लिए, 1000 सिगरेट पर ₹5,000 से ₹11,000 तक की ड्यूटी लग सकती है। वहीं, कच्चे तंबाकू पर 60-70% और निकोटीन वाले इनहेलेशन प्रोडक्ट्स पर 100% तक टैक्स का प्रस्ताव है।
  • क्या महंगा होगा सामान? सरकार का कहना है कि इस बदलाव से टैक्स का कुल बोझ उतना ही रहेगा, जितना अभी है। यानी, ग्राहकों के लिए कीमतों में ज़्यादा बड़ा बदलाव नहीं आएगा, बस टैक्स लेने का तरीका बदल जाएगा।

बिल नंबर 2: पान मसाले पर लगेगा 'हेल्थ और सिक्योरिटी' सेस

  • कहाँ खर्च होगा पैसा? सरकार का कहना है कि इस सेस से जो पैसा इकट्ठा होगा, उसका एक हिस्सा देश के स्वास्थ्य सेवाओं (जैसे अस्पताल, इलाज) पर खर्च होगा और दूसरा हिस्सा देश की सुरक्षा (नेशनल सिक्योरिटी) पर खर्च किया जाएगा।
  • विपक्ष को क्या है ऐतराज? विपक्ष ने इस पर सवाल उठाया है कि इस सेस से जमा होने वाला पैसा राज्यों के साथ साझा नहीं किया जाएगा, जो कि गलत है।

तो कुल मिलाकर बात यह है कि...

सरकार 'सिन गुड्स' (यानी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक चीजें) पर टैक्स किसी भी हाल में कम नहीं होने देना चाहती। पुराना टैक्स सिस्टम खत्म हो रहा है, इसलिए उसकी जगह यह नया सिस्टम लाया जा रहा है ताकि सरकार और राज्यों की कमाई पहले की तरह बनी रहे।