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नई दिल्ली॥ आज के क्रिकेट में चाहे जितना बड़ा लक्ष्य हो सफलतापू़र्वक पीछा करके जीता जा सकता है। ऐसा ही कुछ 15 दिसंबर 2009 को टीम इंडिया और श्री लंका के बीच खेले गए मैच में देखने को मिला था।

इस हाई स्कोरिंग मु़काबले में टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट के नु़कसान पर 414 रनों का विशाल टारगेट खड़ा किया। इस मु़काबले में वीरेंद्र सहवाग ने 102 गेंदों पर 146 रनों की तू़फानी पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 17 चौके तथा 6 बेहतरीन छक्के जड़े।

सचिन तेंदुलकर ने 63 गेंदों पर 69 रनों की पारी खेली। वहीं कप्तान DHONI ने सिर्फ 53 गेदों में 7 चौकों तथा 3 छक्कों की मदद से 73 रनों की विस्फोटक पारी खेली। इसके अलावा कोहली ने 19 गेदों पर 27 और रविंद्र जडेजा ने 17 गेंदों पर 30 रनों की तेजतर्रार पारी खेली।

इस लक्ष्य को देखकर ही लग रहा था कि श्री लंका की टीम इसके नजदीक भी नहीं पहुंच पाएगी। लेकिन हुआ इसका उल्टा। श्री लंका के लिए उपुल थरंगा और तिलकरत्ने दिलशान ने शानदार शुरुआत दी। दोनों ने मिलकर पहले विकेट के लिए 188 रनों की साझेदारी की।

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उपल थरंगा 60 गेंदों पर 67 रन और दिलशान ने 124 गेंदों पर 160 रन बनाए। इसके अलावा कप्तान कुमार संगकारा ने सिर्फ 43 गेंदों पर 90 रनों की बेहद तूफानी पारी खेल कर मैच को बहुत रोमांचक बना दिया। श्री लंका को अंतिम 2 ओवरों में जीत के लिए सिर्फ 15 रनों की जरूरत थी और उसके 5 विकेट बाकी है।

लेकिन 49वें ओवर में जहीर खान ने 2 श्री लंकाई बल्लेबाजों को आउट किया और केवल 4 रन दिया। इसके बाद 50वें ओवर में आशीष नेहरा ने एक बल्लेबाज को आउट करके केवल 7 रन खर्च किए। और इस तरह से टीम इंडिया बड़ी मु़श्किल से 3 रन से विजयी हुई।

सांसे रोक देने वाले इस मैच को आज भी याद कर के दर्शक रोमांचित हो जाते हैं। ये रोमांचकारी मैच आज भी याद किया जाता है। दोनों टीमों की ओर से बेहतरीन मुकाबला देखने को मिला। इस मैच में कुल मिलाकर 825 रन बने थे।