क्या एक ही घर में मिल सकते हैं 2 एलपीजी गैस कनेक्शन, जानिए किराएदार और मकान मालिक के लिए क्या हैं सरकारी नियम

क्या एक ही घर में मिल सकते हैं 2 एलपीजी गैस कनेक्शन, जानिए किराएदार और मकान मालिक के लिए क्या हैं सरकारी नियम

घरेलू रसोई गैस इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के बीच यह असमंजस अक्सर रहता है कि क्या एक ही पते या मकान में दो अलग-अलग एलपीजी (LPG) कनेक्शन लिए जा सकते हैं। यह स्थिति खास तौर पर उन लोगों के सामने आती है जो किराए के मकान में रहते हैं और वहां मकान मालिक के नाम से पहले से गैस कनेक्शन मौजूद होता है। सरकारी नियमों के मुताबिक, दूसरा कनेक्शन जारी करने का फैसला केवल पते से नहीं, बल्कि परिवार और रसोई की व्यवस्था से तय होता है।

पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, एक परिवार की इकाई के लिए सामान्य तौर पर एक ही घरेलू एलपीजी कनेक्शन मान्य होता है। इस नियम के तहत परिवार में पति-पत्नी, अविवाहित बच्चे और उन पर आश्रित माता-पिता शामिल माने जाते हैं, जो साझा रसोई में भोजन बनाते हैं। यदि किसी मकान में सदस्य सिर्फ अलग कमरे या अलग मंजिल पर रह रहे हैं, लेकिन भोजन एक ही रसोई में तैयार होता है, तो उन्हें दूसरा स्वतंत्र कनेक्शन नहीं मिल सकता।

एक ही मकान में दो अलग कनेक्शन केवल तभी संभव हैं जब दोनों पक्ष पूरी तरह अलग परिवार के रूप में रह रहे हों और दोनों की रसोई भी अलग हो। यदि मकान मालिक और किराएदार अलग-अलग मंजिलों पर रहते हैं और दोनों का चूल्हा-चौका पूरी तरह स्वतंत्र है, तो किराएदार अपने वैध पहचान व निवास प्रमाण पत्र (जैसे रेंट एग्रीमेंट) के आधार पर नए कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकता है। गैस वितरण एजेंसियां भौतिक सत्यापन और दस्तावेजों की जांच के बाद ही ऐसे मामलों में नया कनेक्शन स्वीकृत करती हैं।

यदि किसी परिवार को एक महीने में ज्यादा गैस की जरूरत होती है और वे नया कनेक्शन नहीं लेना चाहते, तो उनके लिए डबल बॉटल कनेक्शन (DBC) की सुविधा मौजूद है। इसके जरिए उपभोक्ता अपने मौजूदा सिंगल कनेक्शन पर ही दूसरा अतिरिक्त सिलेंडर जारी करवा सकते हैं। इसके लिए संबंधित गैस एजेंसी में जाकर निर्धारित सिक्योरिटी डिपॉजिट और औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं। वहीं, जिन घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सप्लाई चालू हो चुकी है, वहां एलपीजी सिलेंडर रखने से जुड़े नियम सख्त हैं, इसलिए किसी भी बदलाव से पहले स्थानीय गैस एजेंसी या डिस्ट्रीब्यूटर से मौजूदा दिशा-निर्देशों की पुष्टि जरूर कर लें।