डायबिटीज का जड़ से खात्मा, सुबह के ये 4 काम करते ही तेजी से गिरेगा बढ़ा हुआ शुगर लेवल
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियमित खान-पान की वजह से इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या आम होती जा रही है। जब शरीर इंसुलिन का सही इस्तेमाल नहीं कर पाता, तब खून में ग्लूकोज का स्तर बढ़ने लगता है, जो आगे चलकर डायबिटीज का रूप ले लेता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि दवाओं से पहले अगर सुबह की दिनचर्या में कुछ बुनियादी सुधार कर लिए जाएं, तो ब्लड शुगर लेवल को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित रखा जा सकता है। द योग इंस्टीट्यूट की निदेशक हंसाजी योगेंद्र ने इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर करने और दिनभर शुगर लेवल स्थिर रखने के लिए 4 जरूरी आदतों की सलाह दी है।
सुबह सोकर उठते ही सबसे पहला काम एक गिलास गुनगुना पानी पीने का करें। रात में सात से आठ घंटे की नींद के दौरान शरीर पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन से जूझता है। उठते ही गुनगुना पानी पीने से शरीर तुरंत रीहाइड्रेट होता है और सुस्त पड़ा मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है, जिससे इंसुलिन हॉर्मोन एक्टिव तरीके से काम करना शुरू करता है।
नाश्ते की टेबल पर बैठने से पहले अपनी मांसपेशियों को सक्रिय करना बेहद जरूरी है। इसके लिए आप हल्की स्ट्रेचिंग, योग या 15 से 20 मिनट की ब्रिस्क वॉक कर सकते हैं। मेडिकल साइंस के अनुसार हमारी मांसपेशियां शरीर में ग्लूकोज की सबसे बड़ी उपभोक्ता होती हैं। जब आप सुबह मसल्स को एक्टिवेट करते हैं, तो वे खून में मौजूद अतिरिक्त शुगर को ऊर्जा के रूप में सोख लेती हैं, जिससे खाली पेट ब्लड शुगर स्पाइक का खतरा टल जाता है।
सवेरे का नाश्ता पूरी तरह से इंसुलिन फ्रेंडली होना चाहिए। ऐसा भोजन चुनें जिसमें फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स का सही संतुलन हो। मिलेट्स, अंकुरित मूंग, चना, ताजा पनीर, मिक्स सीड्स, नट्स और हरी सब्जियों को नाश्ते का हिस्सा बनाएं। यह कॉम्बिनेशन पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और शुगर को धीरे-धीरे ब्लडस्ट्रीम में रिलीज करता है, जिससे इंसुलिन का स्तर अचानक नहीं बढ़ता।
नाश्ते के बाद कुछ मिनट शांत बैठकर ध्यान यानी मेडिटेशन करना न भूलें। दिमागी टेंशन और चिंता सीधे तौर पर स्ट्रेस हॉर्मोन कोर्टिसोल को बढ़ा देती है, जो शरीर में इंसुलिन के असर को कमजोर करता है। रोजाना 10 मिनट गहरी सांसें लेकर ध्यान लगाने से कोर्टिसोल का स्तर घटता है, जिससे न सिर्फ मानसिक शांति मिलती है बल्कि हॉर्मोनल बैलेंस भी सुधरता है।