गमले में ऐसे लगाएं लहसुन: बाजार से खरीदने का झंझट होगा खत्म, 15 दिनों में नजर आने लगेगी मेहनत
किचन में हर रोज इस्तेमाल होने वाला और दाल-सब्जी का स्वाद दोगुना कर देने वाला लहसुन अब बाजार से महंगे दामों में खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। गार्डनिंग के शौकीन लोग बहुत ही कम खर्च और साधारण देखभाल के साथ घर की बालकनी या छत पर रखे गमलों में रसीला लहसुन उगा सकते हैं। सही तरीका और सही पॉटिंग मिक्स अपनाकर न केवल हरी ताजी लहसुन की पत्तियां मिल सकती हैं, बल्कि कुछ ही महीनों में मोटी गांठें भी आसानी से तैयार हो जाती हैं।
घर पर लहसुन उगाने की शुरुआत सही गमले और उपजाऊ मिट्टी के चुनाव से होती है। लहसुन की जड़ों को ठीक से फैलने और गांठ बनने के लिए पर्याप्त जगह चाहिए, इसलिए कम से कम 8 से 10 इंच गहरा गमला चुनें, जिसकी तली में पानी की निकासी के लिए ड्रेनेज होल जरूर हो। मिट्टी तैयार करते समय 50 प्रतिशत बगीचे की सामान्य मिट्टी, 30 प्रतिशत गोबर की सड़ी खाद या वर्मीकंपोस्ट और 20 प्रतिशत कोकोपीट अथवा बालू रेत को अच्छी तरह मिला लें। यह मिश्रण मिट्टी को भुरभुरा और हल्का रखता है, जिससे जड़ें तेजी से सांस ले पाती हैं।
बीज के रूप में बाजार या रसोई से बड़े आकार की लहसुन की गांठ लें। कलियों को एक-दूसरे से अलग करते समय यह विशेष ध्यान रखें कि उनका बाहरी छिलका न उतरे। बुवाई के लिए केवल मोटी और स्वस्थ कलियों का ही चयन करें क्योंकि पतली कलियों से पौधे कमजोर निकलते हैं। गमले की मिट्टी में लगभग 2 से 3 इंच की दूरी रखते हुए 1 से 2 इंच गहरे गड्ढे बनाएं। कली को मिट्टी में दबाते समय हमेशा उसका नुकीला सिरा ऊपर और चपटा हिस्सा नीचे की ओर रखें, फिर हल्की मिट्टी डालकर दबा दें।
बुवाई के बाद गमले को ऐसी खुली जगह पर रखें जहां दिनभर में कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप आती हो। मिट्टी में केवल हल्की नमी बनाए रखने जितना ही पानी दें, क्योंकि गमले में जलभराव होने से कलियां नीचे ही गलकर सड़ जाती हैं। महज 15 से 20 दिनों के भीतर गमले में सुंदर हरी पत्तियां फूटने लगेंगी, जिन्हें काटकर आप दाल, सब्जी और चटनी का स्वाद बढ़ा सकते हैं। यदि आपको लहसुन की पूरी गांठ चाहिए, तो नियमित देखरेख के साथ 4 से 5 महीने का समय लगता है, जिसके बाद घर की जैविक फसल पूरी तरह तैयार हो जाती है।