प्रकृति के 7 सबसे बड़े बहुरुपिए, मरने का नाटक करते हैं, रूप-आवाज सब बदल लेते हैं ये जीव

प्रकृति के 7 सबसे बड़े बहुरुपिए, मरने का नाटक करते हैं, रूप-आवाज सब बदल लेते हैं ये जीव

कुदरत की विशाल और रहस्यमयी दुनिया अनोखे अजूबों से भरी पड़ी है। जंगलों, महासागरों और इंसानी बस्तियों के आसपास ऐसे कई जीव-जंतु पाए जाते हैं, जिनकी आत्मरक्षा (Self-Defense) और शिकार करने की अद्भुत क्षमताएं किसी साइंस-फिक्शन फिल्म के जादू से कम नहीं लगतीं। जीवित रहने की इस निरंतर जंग में कुदरत ने इन जीवों को ऐसे जादुई हथियार दिए हैं, जिन्हें देखकर बड़े से बड़ा वैज्ञानिक और इंसान भी हैरान रह जाता है। जब भी इन जीवों पर किसी शिकारी का हमला होता है या इन्हें खतरा महसूस होता है, तो ये पलक झपकते ही अपना रंग, रूप, त्वचा की बनावट और यहां तक कि अपनी आवाज तक बदल लेते हैं। इतना ही नहीं, इनमें से कुछ जीव तो इतने शातिर अभिनेता होते हैं कि शिकारियों से बचने के लिए तुरंत मरने का ऐसा जीवंत नाटक (Feign Death) करते हैं कि सामने वाला खूंखार जानवर भी धोखा खा जाता है। आइए जानते हैं कुदरत के इन 7 सबसे बड़े और माहिर बहुरुपिए जीवों के बारे में, जिनकी चालाकी और कलाबाजी के आगे इंसानी अभिनय भी फीका पड़ जाता है।

ओपोसम (Opossum): मौत का ऐसा जीवंत नाटक जिसके आगे बड़े-बड़े अभिनेता भी फेल हैं

जब बात प्रकृति के सबसे बड़े अभिनेताओं की आती है, तो उत्तरी अमेरिका में पाया जाने वाला ओपोसम (Opossum) इस सूची में सबसे ऊपर आता है। इस जीव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जब भी इसे किसी बड़े शिकारी जानवर जैसे लोमड़ी या कुत्ते से जान का खतरा महसूस होता है, तो यह तुरंत जमीन पर गिरकर 'मरने का नाटक' करने लगता है। यह सिर्फ आंखें बंद करके लेटना ही नहीं है, बल्कि ओपोसम अपनी सांसों की गति को एकदम धीमा कर लेता है, मुंह से जीभ बाहर निकाल देता है और शरीर को पूरी तरह अकड़ा लेता है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसका शरीर अपने आप एक विशेष प्रकार का बदबूदार रसायन (Foul Smell) छोड़ने लगता है, जिससे शिकारी को लगता है कि यह कोई सड़ा-गला शव है। शिकारी इसे मरा हुआ समझकर बिना नुकसान पहुंचाए आगे निकल जाता है और खतरा टलते ही ओपोसम उठकर अपने रास्ते चला जाता है। इस अनोखी कला को जीव विज्ञान में 'प्लेइंग ओपोसम' (Playing Opossum) कहा जाता है।

मिमिक ऑक्टोपस (Mimic Octopus): महासागर का सबसे बड़ा जादूगर जो बदल लेता है 15 अलग-अलग जीवों का रूप

इंडोनेशिया और प्रशांत महासागर की गहराइयों में पाया जाने वाला 'मिमिक ऑक्टोपस' समुद्र की दुनिया का सबसे शातिर बहुरुपिया माना जाता है। सामान्य ऑक्टोपस केवल आसपास की चट्टानों या रेत जैसा रंग बदलने में माहिर होते हैं, लेकिन मिमिक ऑक्टोपस एक कदम आगे बढ़कर दूसरे जहरीले समुद्री जीवों का पूरा रूप और उनका चलने का तरीका तक कॉपी कर लेता है। जब भी इस ऑक्टोपस को किसी दुश्मन का सामना करना पड़ता है, तो यह अपनी लचीली भुजाओं को समेटकर और शरीर की बनावट को बदलकर लायनफिश (Lionfish), समुद्री सांप (Sea Snake), फ्लैटफिश (Flatfish) और जेलीफिश जैसे 15 से अधिक जहरीले जीवों की हूबहू नकल कर लेता है। इसे देखकर गहरे पानी के शिकारी डर के मारे दूर भाग जाते हैं। मिमिक ऑक्टोपस की यह दृश्य क्षमता और त्वरित बुद्धि वैज्ञानिकों के लिए आज भी गहन शोध का विषय बनी हुई है।

गिरगिट (Chameleon): अपनी भावना और माहौल के हिसाब से त्वचा का रंग बदलने वाला प्राकृतिक कलाकार

रंग बदलने की कला में गिरगिट का नाम दुनिया भर में मशहूर है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि गिरगिट सिर्फ शिकारियों से छिपने (Camouflage) के लिए ही रंग नहीं बदलता, बल्कि वह अपने मूड, तापमान और दूसरों से संवाद करने के लिए भी ऐसा करता है। गिरगिट की त्वचा के भीतर विशेष प्रकार के क्रोमैटोफोर्स (Chromatophores) और इरिडोफोर्स सेल होते हैं, जो प्रकाश की किरणों को परावर्तित करके त्वचा का रंग बदलते हैं। जब गिरगिट गुस्से में होता है या किसी साथी को आकर्षित करना चाहता है, तो उसका शरीर तुरंत गहरे लाल, पीले या नीले रंग में बदल जाता है। वहीं, जब वह पेड़ की डालियों पर रेंगता है, तो पत्तियों और छाल के अनुसार हरा या भूरा रंग धारण कर लेता है, जिससे वह हवा में पूरी तरह अदृश्य सा प्रतीत होता है।

मार्गवे बिल्ली (Margay Cat): शिकार को जाल में फंसाने के लिए दूसरे जानवरों की आवाज निकालने वाली शातिर शिकारी

दक्षिण अमेरिका के घने वर्षावनों (Rainforests) में पाई जाने वाली 'मार्गवे' नाम की यह जंगली बिल्ली आवाज बदलने में महारत हासिल कर चुकी है। यह बिल्ली अपने शिकार को आकर्षित करने के लिए ऐसी आवाजें निकालती है, जिसे सुनकर इंसान तो क्या, जंगल के दूसरे जानवर भी चकमा खा जाते हैं। मार्गवे बिल्ली बंदरों के बच्चों, पक्षियों या छोटे चूहों की रोने और पुकारने की हूबहू आवाज निकालती है। जब बंदर का बच्चा संकट में समझकर उसके माता-पिता या झुंड के अन्य सदस्य आवाज की दिशा में मदद के लिए आते हैं, तो यह छिपी हुई बिल्ली उन पर घात लगाकर हमला कर देती है। अपनी आवाज के इस छल-कपट का इस्तेमाल करके यह बिल्ली बिना ज्यादा मेहनत किए अपना शिकार आसानी से हासिल कर लेती है।

लीफ-टेल्ड गेको (Leaf-Tailed Gecko): सूखी पत्ती और पेड़ की छाल जैसा हूबहू दिखने वाली छिपकली

मेडागास्कर के जंगलों में पाई जाने वाली 'लीफ-टेल्ड गेको' (Leaf-Tailed Gecko) को यदि आप किसी पेड़ पर बैठा देख भी लें, तो भी आप यह पहचान नहीं पाएंगे कि वह कोई जीव है या सूखा हुआ पत्ता। इस छिपकली की पूंछ पूरी तरह से कटी-फटी और सूखी पत्ती जैसी दिखती है, जबकि इसके शरीर की त्वचा की बनावट पेड़ के तने और काई (Lichen) से बिल्कुल मेल खाती है। यह दिन के समय पेड़ की छाल से चिपकी रहती है और घंटों बिना हिले-डुले पड़ी रहती है। जब इसके पास से कोई पक्षी या शिकारी गुजरता है, तो वह इसे पेड़ का ही हिस्सा समझकर आगे बढ़ जाता है। इस अद्भुत कैमोफ्लाज तकनीक के कारण इसे जंगल में खोजना लगभग असंभव माना जाता है।

हॉग नोज़ स्नेक (Hognose Snake): जब कोई खतरा आता है, तो उल्टा लटककर मरने का करता है नाटक

उत्तरी अमेरिका का हॉग नोज़ सांप (Hognose Snake) जहरीला नहीं होता, लेकिन अपनी जान बचाने के लिए इसके पास नाटकों का पूरा पिटारा होता है। जब भी कोई इंसान या शिकारी जानवर इसके करीब आता है, तो यह सबसे पहले जहरीले कोबरा की तरह अपना फन फैलाता है और जोर-जोर से फुंकार भरता है। यदि शिकारी इससे नहीं डरता, तो यह सांप तुरंत अपनी चाल बदल देता है। यह सांप तुरंत पेट के बल उल्टा होकर जमीन पर लोट जाता है, अपना मुंह खोल देता है, जीभ बाहर निकाल लेता है और अपने शरीर से बेहद गंदी दुर्गंध छोड़ने लगता है। यह ऐसा दिखाता है मानो इसे मरे हुए कई दिन बीत चुके हैं। जैसे ही शिकारी इसे सड़ा हुआ समझकर छोड़ देता है, यह सांप तुरंत सीधा होता है और तेजी से झाड़ियों में गायब हो जाता है।

कैटरपिलर की अनोखी प्रजातियां (Snake-Mimic Caterpillar): खुद को खतरनाक सांप का रूप देने वाला कीड़ा

कीड़े-मकोड़ों की दुनिया में 'स्नेक-मिमिक कैटरपिलर' (Hemeroplanes Triptolemus) का कोई जवाब नहीं है। यह छोटा सा इल्ली या कैटरपिलर वैसे तो बेहद मासूम और हानिरहित होता है, लेकिन जब इसे किसी पक्षी से अपनी जान का खतरा महसूस होता है, तो यह अपने शरीर के अगले हिस्से को हवा में उठाकर फुला लेता है। ऐसा करते ही इसके शरीर का अगला हिस्सा हूबहू किसी खतरनाक और जहरीले सांप के सिर जैसा दिखने लगता है। इसमें फर्जी आंखें और सांप की तरह चमकती हुई त्वचा उभर आती है। जब कोई भूखा पक्षी इसे खाने आता है, तो सामने एक विषैले सांप का रूप देखकर डर के मारे चीखता हुआ भाग खड़ा होता है। कुदरत का यह अनोखा रूपांतरण यह साबित करता है कि जीवित रहने के लिए आकार नहीं, बल्कि अकल की जरूरत होती है।