सड़क पर खुला दफ्तर! बेंगलुरु के भयंकर ट्रैफिक में शख्स ने बाइक पर बैठकर किया ऑफिस का काम, वायरल वीडियो पर भड़के लोग

सड़क पर खुला दफ्तर! बेंगलुरु के भयंकर ट्रैफिक में शख्स ने बाइक पर बैठकर किया ऑफिस का काम, वायरल वीडियो पर भड़के लोग

इंटरनेट पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है, जिसे देखकर आप हैरान भी होंगे और सोचने पर मजबूर भी हो जाएंगे। यह घटना भारत की टेक राजधानी कहे जाने वाले बेंगलुरु (Bengaluru Traffic) की है, जो अपने भारी ट्रैफिक जाम के लिए दुनिया भर में मशहूर है। वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि एक शख्स बाइक पर पीछे बैठा हुआ है और चारों तरफ गाड़ियों की लंबी कतारों के बीच, वह अपनी गोद में लैपटॉप खोलकर बेहद ध्यान से ऑफिस का काम निपटा रहा है। इस 'सड़क वाले ऑफिस' के वीडियो ने सोशल मीडिया पर कॉर्पोरेट जगत के काम के दबाव और कर्मचारियों की मजबूरी पर एक बहुत बड़ी बहस का रूप ले लिया है।

ट्रैफिक जाम की मजबूरी या डेडलाइन का खौफ?

वीडियो को पीछे चल रही एक कार में सवार यात्री ने रिकॉर्ड किया है। जैसे ही इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया, यह देखते ही देखते वायरल हो गया। वीडियो में दिख रहा शख्स संभवतः किसी आईटी कंपनी (IT Professional) का कर्मचारी है, जो ऑफिस से घर लौट रहा था या घर से दफ्तर जा रहा था। बेंगलुरु के आउटर रिंग रोड (ORR) जैसे व्यस्त इलाके में जहां गाड़ियां रेंग रही थीं, वहां यह शख्स बाइक राइडर के पीछे बैठकर कोडिंग या किसी क्लाइंट की अर्जेंट डेडलाइन को पूरा करने में व्यस्त था।

नेटिजन्स का फूटा गुस्सा: 'यह वफादारी नहीं, कॉर्पोरेट गुलामी है'

इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स दो धड़ों में बंट गए हैं, लेकिन अधिकांश लोगों का गुस्सा कॉर्पोरेट कंपनियों के वर्क कल्चर (Toxic Work Culture) पर फूट रहा है। लोग इस स्थिति को बेहद खतरनाक और दुखद बता रहे हैं।

  • सुरक्षा का खतरा: कई यूजर्स ने कमेंट करते हुए लिखा कि चलती बाइक पर लैपटॉप खोलकर काम करना न सिर्फ सुरक्षा के नियमों का उल्लंघन है, बल्कि किसी भी अचानक ब्रेक लगने की स्थिति में यह जानलेवा साबित हो सकता है।

  • वर्क-लाइफ बैलेंस की धज्जियां: लोगों का कहना है कि कंपनियों द्वारा कर्मचारियों पर काम का इतना दबाव बना दिया जाता है कि वे ट्रैफिक में भी चैन की सांस नहीं ले पाते। इसे 'टॉक्सिक वर्क कल्चर' और 'आधुनिक गुलामी' का नाम दिया जा रहा है।

बेंगलुरु ट्रैफिक और वर्क फ्रॉम होम की मांग फिर तेज

इस वीडियो ने एक बार फिर बेंगलुरु के खराब इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रैफिक की समस्या को मुख्यधारा में ला खड़ा किया है। नेटिजन्स का कहना है कि अगर टेक कंपनियों के कर्मचारियों को इस तरह सड़कों पर काम करना पड़ रहा है, तो सरकार और कंपनियों को फिर से 'वर्क फ्रॉम होम' (Work From Home) या फ्लेक्सिबल वर्किंग आवर्स पर विचार करना चाहिए। इससे न सिर्फ सड़कों पर गाड़ियों का दबाव कम होगा, बल्कि कर्मचारियों का मानसिक तनाव भी कम होगा। फिलहाल यह वीडियो इंटरनेट पर वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर एक गंभीर चेतावनी की तरह शेयर किया जा रहा है।

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