घर में बस सही दिशा में रख लें ये 6 पौधे, वास्तु अनुसार दूर होगी पैसों की तंगी और खिंची चली आएगी बरकत
घर की खूबसूरती बढ़ाने के साथ-साथ कुछ खास पौधे परिवार की किस्मत संवारने की ताकत भी रखते हैं। भारतीय वास्तु शास्त्र में पेड़-पौधों को सकारात्मक ऊर्जा और आर्थिक संपन्नता का बड़ा माध्यम माना गया है। अगर सही दिशा और नियमों का ध्यान रखकर इन्हें घर के आंगन या बालकनी में जगह दी जाए, तो नकारात्मक ऊर्जा पल भर में दूर हो जाती है और रुके हुए काम तेजी से बनने लगते हैं।
परिवार में सुख, शांति और खुशहाली बनाए रखने के लिए तुलसी को सबसे पूजनीय और कल्याणकारी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के साथ वास्तु में भी इसे बेहद पवित्र स्थान हासिल है। नियम के अनुसार तुलसी के पौधे को हमेशा घर की उत्तर या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में लगाना चाहिए, जिससे पूरे परिवेश में सकारात्मक तरंगें बनी रहती हैं।
आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों के लिए स्नेक प्लांट एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, यह पौधा घर की हवा शुद्ध करने के साथ-साथ धन से जुड़ी रुकावटों को खत्म करने में मदद करता है। इसे स्थापित करने के लिए घर की दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा सबसे शुभ मानी जाती है।
घर को बुरी नजर, नकारात्मक शक्तियों और अनचाही बाधाओं से सुरक्षित रखने के लिए शमी का पौधा बेहद असरदार उपाय है। भगवान शिव और शनिदेव के आशीर्वाद से जुड़े इस पौधे को घर के मुख्य प्रवेश द्वार पर दाहिनी ओर रखना चाहिए। मान्यता है कि इससे घर में प्रवेश करने वाली कोई भी अनिष्ट शक्ति दहलीज पर ही रुक जाती है।
धन-धान्य और बरकत बढ़ाने की बात हो तो मनी प्लांट का नाम सबसे पहले आता है। वास्तु सम्मत नियमों के अनुसार, मनी प्लांट को हमेशा दक्षिण-पूर्व दिशा यानी आग्नेय कोण में ही लगाना चाहिए। इस दिशा में पौधा रखने से शुक्र ग्रह की अनुकूलता मिलती है और घर की आर्थिक स्थिति लगातार मजबूत होती जाती है।
कार्यक्षेत्र और कारोबार में तरक्की के साथ घर में सुकून का माहौल चाहते हैं तो लकी बैम्बू का चुनाव उत्तम रहता है। इसे घर के लिविंग एरिया या ऑफिस डेस्क पर पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना फलदायी होता है। यह पौधा भाग्य को सक्रिय कर उन्नति के नए रास्ते खोलता है।
सकारात्मक ऊर्जा के निरंतर प्रवाह के लिए अपराजिता का पौधा लगाना भी अत्यंत शुभ माना गया है। सुंदर नीले फूलों वाला यह पौधा घर के माहौल को तनावमुक्त और शांत बनाए रखता है। वास्तु के अनुसार इसे हमेशा पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में ही स्थापित करना चाहिए ताकि घर में निरंतर सुख और सौभाग्य का वास रहे।