शराब नहीं, गांजे के नशे में उड़ा रहा था प्लेन! एयर इंडिया के पायलट की इस हरकत से सहम गया पूरा देश

शराब नहीं, गांजे के नशे में उड़ा रहा था प्लेन! एयर इंडिया के पायलट की इस हरकत से सहम गया पूरा देश

फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट (AI-2379) में हुए गंभीर हादसे की जांच में रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा हुआ है। बीते 4 अगस्त को हवा में अचानक यह फ्लाइट 300 फीट नीचे आ गिरी थी, जिससे 13 यात्रियों और 4 क्रू मेंबर्स को गंभीर चोटें आईं। अब जांच में पता चला है कि इस खौफनाक हादसे के वक्त विमान का मुख्य पायलट नशे में था। पायलट के डोप टेस्ट में गांजे (मारिजुआना) के सेवन की पुष्टि हुई है, जो एविएशन सेक्टर की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाता है।

यह घटना हमें बॉलीवुड फिल्म 'रनवे 34' की याद दिलाती है, जहां एक पायलट की थकावट और निजी फैसले सैकड़ों जानों को जोखिम में डाल देते हैं। असल जिंदगी में ऐसी गलतियों की कोई माफी नहीं है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने विमानन सुरक्षा को लेकर 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति अपनाई है। आइए जानते हैं कि एक प्लेन के टेकऑफ से लेकर कॉकपिट तक के क्या नियम होते हैं।

उड़ान से पहले पायलट के कौन-कौन से टेस्ट होते हैं? (Pre-flight Tests for Pilots)

AEO (आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन) के लिहाज से यह समझना जरूरी है कि पायलटों को प्लेन उड़ाने से पहले किन अग्निपरीक्षाओं से गुजरना पड़ता है। नियम के मुताबिक, ड्यूटी पर तैनात पायलट के शरीर में शराब या किसी भी नशे का स्तर 0.000 होना चाहिए।

  • ब्रीथ एनालाइजर (BA) टेस्ट: भारत में हर उड़ान से पहले और बाद में (Pre-flight और Post-flight) पायलट और केबिन क्रू का यह टेस्ट अनिवार्य है। मशीन में फूंक मारकर चेक किया जाता है कि कहीं अल्कोहल का सेवन तो नहीं किया गया है। रीडिंग एकदम 0.000 होनी चाहिए।

  • डोप/साइकोएक्टिव सब्सटेंस टेस्ट: DGCA के रैंडम यूरिन और ब्लड टेस्ट में गांजा, कोकीन, अफीम और एम्फैटामाइन जैसे नशीले पदार्थों की जांच की जाती है। एयर इंडिया के पायलट इसी टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं।

क्या दवाई या माउथवॉश से टेस्ट पॉजिटिव आ सकता है?

हां, कफ सिरप, होम्योपैथिक दवा या कुछ माउथवॉश से BA टेस्ट में अल्कोहल आ सकता है। अगर कोई पायलट ऐसा दावा करता है, तो उसे पानी से कुल्ला करने के 20 मिनट बाद दोबारा टेस्ट देने का मौका मिलता है। अगर वह फिर फेल होता है, तो उसे ड्यूटी से हटा दिया जाता है।

नशे में पकड़े जाने पर पायलट पर क्या एक्शन होता है?

 

  • पहली गलती: 3 महीने के लिए लाइसेंस सस्पेंड।

  • दूसरी बार: 3 साल के लिए लाइसेंस निलंबित।

  • तीसरी बार: एविएशन लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द (Lifetime Ban)।

  • नियम: फ्लाइट से कम से कम 12 घंटे पहले तक शराब पीना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।